ये अपने आप में एक बड़ी बात है कि उत्तर प्रदेश में फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी होगी जिसमें बॉलीवुड की उन सभी फिल्मों को नवाजा जाएगा तो इस राज्य में फिल्माई गई हैं। अवॉर्ड सेरेमनी का मौसम शुरू हो गया है और अब तक कई सामरोह जैसे की स्टारडस्ट अवार्ड्स, बिग स्टार इंटरटेनमेंट अवार्ड, आदि हो चुके हैं। और अभी भी भारतीय सिनेमा का ऑस्कर कहलाए जाने वाला आइफा और फिल्मफेयर होना अभी बाकी है। ऐसे में एक और अवार्ड समारोह का नाम इस श्रेणी में जुड़ गया है और वो है
यूपी फि्ल्म अवार्ड
जो जल्द ही आयोजित किया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षो में कई ऐसे फिल्में आई है जो यूपी के अलग-अलग जहगों पर फिल्माई गई हैं। यूपी में फिल्म शूटिंग को और बढावा देने के लिए ये अवार्ड सेरेमनी एक बड़ा कदम है।
मिलेगा कैश प्राइृज-
अवॉर्ड दो श्रेणिया में बांटी गई है- बेस्ट फिल्म और बेस्ट डायरेक्टर। तलवार जिसकी शूटिंग नोएडा में हुई थी और मसान जिसे वाराणसी में फिल्माया गया था इस अवार्ड सेरेमनी में सबसे आगे हैं। खबरों की माने तो विजेताओं को 2.5 लाख रुपए का कैश प्राइज दिया जाएगा।
कहा से आया आइडिया-
फिल्म बंधू की मदद से यूपी फिल्म डेवेलपमेंट काउंसिल (यूपीएफडीसी) विजेताओं का नाम तय करेगी। इस अवॉर्ड सेरेमनी का आइडिया तब आया जब सीएम अखिलेश यादव और यूपीएफडीसी में हुई चर्चा में ये बात सामने आई कि पिछले वर्ष यूपी में शूट हुई फिल्में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी लोकप्रियता और तारीफे बटोर चुकी हैं। ऐसे में इन फिल्मों को सम्मानित करना तो बनता है। साथ ही इससे प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए फिल्मकार आकर्षित भी होंगे।
ये फिल्में है अवार्ड जीतने की रेस में-
तलवार, मसान, तनु वेड्स मनु, जानिसार जैसी फिल्में बेस्ट फिल्म अवार्ड के लिए सबसे आगे हैं। वहीं मुज्जफर अली, अमित शर्मा, नीरज घायवान जैसे निर्देशक बेस्ट डायरेक्टर की सूची में हैं।
पत्रिका व्यू-
रीजनल अवार्ड सेरेमनी हर वर्ष आयोजित होता है। इसमें अलग-अलग भाषाओं के दावेदारों को अवार्ड दिया जाता है। फिल्मफेयर अवार्ड साउथ, इसका उदारण है, लेकिन उत्तर प्रदेश में इस तरह की अवार्ड सेरेमनी का आयोजन पहली बार होने जा रहा है। फिल्मों का हब बनाने के लिए उप्र सरकार का यह कदम अच्छा है। यदि यह आयोजन सफल हुआ तो इससे दूसरे प्रदेश भी प्रेरित होंगे। और अलग-अलग राज्यों में फिल्म शूटिंग का चलन जरूर बढ़ेगा। यूपी सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को फिल्म प्रचार और सरलीकरण समिति के निर्माण का आदेश भी दिया है। हर जिले में फिल्म प्रमोशन और फैसीलिटेशन कमिटी के लिए पांच सदस्यीय कमिटी बनाई जाएगी जिसकी कमान जिलाधिकारियों के पास होगी। इससे किसी भी निर्देशक को प्रदेश में अपनी फिल्म की शूटिंग की इजाजत लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार के इन प्रयासों से फिल्म निर्माण का माहौल बनेगा। सरकार की इस पहल का स्वागत किया जाना चाहिए।
इन बड़ी फिल्मों की होगी यूपी में शूटिंग-
बताया जा रहा है कि करीब 50 फिल्मों की शूटिंग यूपी में चल रही है।
सलमान खान भी फिल्म सुल्तान की शूटिंग के लिए प्रदेश में आएंगे वहीं तिगमांशु धूलिया ने कानपुर के बिथूर को अपनी फिल्म की शूटिंग के लिए चुन लिया है। बताया जा रहा है सुपरहिट फिल्म बाहुबली के सीक्वल की शूटिंग झांसी और ओरछा (एमपी) में होगी।