लखनऊ। चुनावी मौसम में सोमवार को यूपी तीन बड़े नेताओं की रैलियों का गवाह बना। सिद्धार्थनगर की जनता उस मुस्लिम नेता को सुनेगी जो अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहता है। उनका नाम है-एमआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी। जाहिर है इनके निशाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहते हैं। नोटबंदी से लेकर सांप्रदायिकता से जुड़े तमाम मुद्दे पर वे खूब बोलते हैं। ऐसी बातें उठाते हैं जो मुस्लिम मन को भा सके। ओवैसी के विवादित बोल ही उनकी पहचान हैं। आइए जानते हैं उनके अब तक के विवादित बयानों के बारे में-
मुलायम सिंह मुझसे डरते हैं
मुलायम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि मुलायम सिंह मुझसे डरते हैं। मैंने मुलायम सिंह की नींद हराम कर दी है।
नरेंद्र मोदी के खिलाफ उगली आग
अगर इस्लामी टोपी पहनने और दाढ़ी रखने वाला कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री बन जाए और 'अल्लाह ओ अकबर' बोले तो सभी न्यूज चैनल कहेंगे भारत इस्लामिक देश बन गया। लेकिन अगर मोदी मजहबी नारे लगाएंगे तो कोई कुछ नहीं कहेगा।
हिंदुस्तान के बादशाह सलामत ने भिखारी बना दिया। 120 लोग मारे गए अपना पैसा निकालने के लिए, इसमें कोई अच्छी बात दिखती है।
औवैसी के भाई अकबरुद्दीन उनसे भी बड़े बयानवीर हैं। अकबरूद्दीन ने मोदी को लेकर विवादित बयान देते हुए कहा था कि अगर कसाब को फांसी दी गई, तो गुजरात दंगों के लिए नरेंद्र मोदी को भी फांसी दी जानी चाहिए।
सलमान नाम रखने से कोई सलमान नहीं हो जाता
ओवैसी ने कभी बयान दिया था- असदुद्दीन ओवैसी ने मुसलमानों से अपील की थी कि वे सलमान की फिल्म न देखें। ओवैसी का कहना था कि सलमान नाम रखने से कोई सलमान नहीं हो जाता। सलमान तो रश्दी भी हैं। दरअसल, ओवैसी सलमान खान से अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए अहमदाबाद पहुंचकर मोदी के साथ पतंग उड़ाने और उन्हें गुडमैन बताए जाने से खासे खफा थे। असदुद्दीन ओवैसी ने बॉलीवुड स्टार सलमान खान पर निशाना साधते हुए उन्हें बेवड़ा साहब भी कहा था। इस बयान की खूब चर्चा हुई थी।
याकूब को मुस्लिम होने की वजह से मिली फांसी
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में पीएम मोदी के खिलाफ काफी अपशब्द कहे थे। इसके पहले उन्होंने याकूब मेमन की फांसी की सजा का विरोध करते हुए यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि याकूब को मुस्लिम होने की वजह से फांसी की सजा दी जा रही है।
आईएस के संदिग्ध आतंकी को कानूनी मदद देने का किया वादा
औवैसी उस वक्त और अधिक चर्चा में आए जब उन्होंने हैदराबाद में पकड़े गए संदिग्ध आईएस आतंकियों को कानूनी मदद देने का ऐलान कर दिया था। ओवैसी का कहना था कि मेरे पास कोई भी मदद मांगने आएगा तो मैं उसकी मदद करूंगा, मेरे दरवाजे हर किसी के लिए खुले हैं।
मैं भारत माता की जय नहीं कहूंगा
मैं भारत माता की जय नहीं कहूंगा, क्योंकि ऐसा कानून में नहीं है। मेरे नारों से मेरी देशभक्ति की जांच नहीं होनी चाहिए, मैं सिर्फ उस जबान में बोलूंगा जो कानून कहता है। इस बात को कहकर उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थी।