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सीएम योगी ने जो-जो तर्क सदन में दिए वह पूरी तरीके से झूठेः अजय कुमार लल्लू

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने विधानसभा में बजट प्रस्ताव पर हुई चर्चा पर मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Mar 03, 2021

State President Ajay Kumar Lallu press conference

अजय लल्लू बोले- उत्तर प्रदेश में आज अघोषित इमरजेंसी है

पत्रिका न्यूज नेटवर्क.

लखनऊ. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay Kumar Lallu) ने विधानसभा में बजट प्रस्ताव पर हुई चर्चा पर मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीएम योगी (CM Yogi) ने जो-जो तर्क और तथ्य सदन में रखे वह पूरी तरीके से झूठ, गुमराह करने वाला और सदन की गरिमा को तार-तार करने वाला है। मुख्यमंत्री जी ने अपने झूठ से प्रदेश की मंहगाई, बेरोजगारी, बदहाल कानून व्यवस्था से त्रस्त जनता का अपमान किया है।

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सीएम ने किसानों का मजाक उड़ायाः अजय कुमार लल्लू

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री का सदन में यह बयान कि 98.7 प्रतिशत गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान कर दिया गया है पूरी तरीके से झूठ का पुलिन्दा है। उन्होंने कहा कि जहां पहले से ही लाखों किसानों का पिछले सत्र का गन्ना मूल्य बकाया पड़ा है वहीं मौजूदा सत्र के 15 फरवरी तक सरकार गन्ना की खरीद 00.00 मूल्य पर कर रही थी। 15 फरवरी को सरकार ने यह तय किया कि गन्ना मूल्य वहीं रहेगा जो पिछले सत्र में दिया गया था। ऐसे में सरकार किस रेट से और किस प्रकार गन्ना किसानों के मूल्य का भुगतान कर रही थी? मुख्यमंत्री ने ऐसा बोलकर हमारे परेशान हाल किसानों का मजाक उड़ाया है जिनका करोड़ों रूपये गन्ना मिलों पर बकाया है।

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मुख्यमंत्री का बयान हास्यपादः सीएम

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि हमने उ0प्र0 की जनता की प्रति व्यक्ति आय 2017 के मुकाबले दुगुनी कर दी है, हास्यास्पद है। सच तो यह है कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार हमारे प्रदेश की 65 प्रतिशत से ऊपर जनता अपने बच्चों की स्कूल की फीस नहीं जमा कर पा रही है और 40 प्रतिशत से ऊपर लोग रसोई गैस के बढ़े बेतहाशा मूल्य के चलते रसोईगैस नहीं खरीद पा रहे हैं। वहीं केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा लगाये गये भारी टैक्स के चलते डीजल और पेट्रोल के दाम ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गये हैं। परिणाम स्वरूप आम जरूरत की चीजों के भाव दुगुना और तिगुना बढ़ गये हैं और आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रहे हैं।