खास बात यह है कि मुलायम सिंह यादव और शिवपाल समर्थकों की फौज गायब है। दोनों नेताओं के घरों की चौकसी बढ़ा दी गई है। खुद डीजीपी दोनों भाइयों के घरों की सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं। लखनऊ ही नहीं, लखनऊ के बाहर अन्य जिलों से भी इसी तरह की खबरें आ रही हैं। अखिलेश के समर्थन में कहीं किसी ने आत्मदाह की कोशिश की तो किसी ने हाथ की नसें काट लीं हैं। चुनाव में उतरने के पूर्व जब युवक अखिलेश के लिए इस कदर उन्मादा है तो चुनाव में क्या हश्र होगा इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है। लखनऊ में आज की रात शिमला की रात से भी ज्यादा सर्द है। ओस की बूंदे आसुंओं में घुल रही हैं। लेकिन, युवाओं के जोशीले नारों की गरमी ने सर्द रात के फाहों में भी गरमाहट ला दी है। उम्मीद की जा सकती है चुनावों तक यह गरमी कायम रहेगी। इस गरमी की तपिश को भाजपा,बसपा और कांग्रेस भी महसूस कर रही हैं। उन्हें ठंड में पसीना छूट रहा है। अखिलेश का यही जलवा कायम रहा तो आगे क्या होगा।