
राज्यसभा चुनाव के लिए सपा उम्मीदवार नामांकन करते हुए।
Samajwadi Party: समाजवादी पार्टी ने 13 फरवरी को तीन राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की। सपा की ओर राज्यसभा चुनाव के लिए पूर्व सांसद रामजीलाल सुमन (Ramji Lal Suman) , जया बच्चन (Jaya Bachchan) और पूर्व आईएएस अधिकारी आलोक रंजन (Alok Ranjan) ने नामांकन किया। इसके 24 घंटे के अंदर ही सपा के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने इस्तीफा दे दिया।
स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को चिट्ठी लिखकर अपने विवादित बयानों के लिए पार्टी की ओर से निजी बताए जाने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से अगर पार्टी का जनाधार बढ़ रहा है तो ये बयान निजी कैसे हो सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में महासचिव पद के अलग- अलग लोगों के बयानों के साथ भेदभाव किया जाता है। मौर्य ने अखिलेश से कई तरह की शिकायतें भी की हैं।
जया बच्चन को पांचवी बार राज्यसभा उम्मीदवार बनाने से नाराज हैं मौर्य
मिली जानकारी के मुताबिक जया बच्चन को पांचवीं बार सपा का राज्यसभा उम्मीदवार बनाये जाने से स्वामी प्रसाद मौर्य नाराज हैं। मौर्य ने एमएलसी और सपा की प्राइमरी सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही मौर्य ने नई पार्टी का गठन कर दिया है। इस पार्टी का नाम राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी होगा। पार्टी का झंडा लॉन्च कर दिया गया है। नीला, लाल और हरे रंग की पट्टी वाले इस झंडे में बीच में RSSP लिखा हुआ है। 22 फरवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में मौर्य एक रैली को सम्बोधित करेंगे।
भारत जोड़ो यात्रा में नजर आईं पल्लवी पटेल
स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद विधायक पल्लवी पटेल (Pallavi Patel) भी अलग राह पर चल पड़ी हैं। पल्लवी पटेल ने सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों की लिस्ट में पिछड़ों या अल्पसंख्यकों के नामों के कमी की आलोचना की। पटेल सपा की सहयोगी अपना दल (के) की प्रमुख हैं। वह पिछड़ी कुर्मी जाति से आती हैं। 2022 यूपी विधानसभा में वह सपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुकी हैं। पटेल ने यहां तक धमकी दी है कि वह राज्यसभा चुनावों में उम्मीदवारों को वोट नहीं देंगी।
पल्लवी पटेल राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में नजर आई थी। बताया जा रहा है कि पल्लवी पटेल अखिलेश यादव से इसलिए खफा हैं क्यों कि, वह अपनी मां कृष्णा पटेल के लिए सपा से राज्यसभा का टिकट मांग रही थीं।
सलीम इकबाल शेरवानी से दिया इस्तीफा
सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों का विरोध यहीं तक नहीं थमा। 18 फरवरी को पूर्व कांग्रेसी और केंद्रीय मंत्री, सलीम इकबाल शेरवानी ने राज्यसभा सूची में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार न होने पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया। शेरवानी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के करीबी भी रहे हैं। मौर्य के इस्तीफे के बाद शेरवानी तीसरे नेता हैं जिन्होंने सपा में कमजोर महसूस करने के कारण अपने पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के खिलाफ खुले तौर पर विद्रोह किया है।
Published on:
21 Feb 2024 02:30 pm
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