
समाजवादी पाटी के राष्ट्रीय सचिव स्वामी प्रसाद मौर्या ने रामचरितमानस पर दिए बयान के बाद गुरूवार को एक और बयान दिया है। उन्होंने कहा धर्म की आड़ में महिलाओं और शूद्रों पर जो अपमानजनक टिप्पणियां की जाती हैं उसका दर्द सिर्फ महिला और शूद्र ही समझ कर सकते हैं। वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ट्वीट कर लिखा पिछड़ा और दलित समाज भाजपा के लिए सिर्फ वोट बैंक के नाम पर हिंदू हैं।
रामचरितमानस पर प्रतिबंधित की मांग की थी
उत्तर प्रदेश के प्रमुख ओबीसी और सपा लीडर स्वामी प्रसाद मौर्या ने हाल ही में रामचरितमानस की एक चौपाई पर अपनी टिप्पणियों से सुर्खियाँ बटोरीं थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि इसके कुछ छंद और चौपाई जाति के आधार पर समाज के एक बड़े वर्ग का "अपमान" करते हैं। उन्होंने इस पर प्रतिबंधित लगाने की मांग की थी।
धर्म की आड़ में महिलाओं और शुद्र समाज पर अपमानजनक टिप्पणियां
सपा के राष्ट्रीय सचिव ने ट्वीट कर लिखा, "इंडियंस और डाग" कहकर अंग्रेजों ने जो अपमान व बदसलूकी ट्रेन में गांधी जी से किया था, वह दर्द गांधी जी ने ही समझा था। उसी प्रकार धर्म की आड़ में जो अपमानजनक टिप्पणियां महिलाओं व शुद्र समाज को की जाती हैं उसका दर्द भी महिलायें और शुद्र समाज ही समझता है।"
पिछड़े-दलित भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट के पैमाने पर हिंदू हैं
उधर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है। ट्वीट में लिखा, "पिछड़े-दलित भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट के पैमाने पर हिंदू हैं या कहें चुनाव के समय में भाजपा के लिए पिछड़े-दलित हिंदू हैं पर उसके बाद अपना हक़ माँगने पर भाजपा के लिए पिछड़े-दलित केवल शून्याकार बिंदु हैं। जिनको भाजपा सरकार गिनने तक को तैयार नहीं, उनकी भलाई के बारे में वो क्या सोचेगी।"
Updated on:
03 Feb 2023 02:27 pm
Published on:
03 Feb 2023 02:01 pm
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