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विदेश नीति पर घमासान, संसद के बाहर विपक्ष का हंगामा, अखिलेश ने उठाए मोदी सरकार पर सवाल

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका तय कर रहा है कि भारत किस देश से तेल खरीदे।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Mar 09, 2026

अखिलेश यादव का मोदी सरकार पर बड़ा हमला

अखिलेश यादव का मोदी सरकार पर बड़ा हमला Source- X

Akhilesh Yadav Attack Modi Government: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिका तय कर रहा है कि भारत को किस देश से तेल खरीदना चाहिए। इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि भारत की विदेश नीति पर संसद में खुली चर्चा हो। अखिलेश का कहना है कि भाजपा सरकार ने देश की विदेश नीति को गिरवी रख दिया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है। विदेश में फंसे भारतीयों के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?

विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पश्चिम एशिया के संघर्ष के मुद्दे पर था। विपक्षी नेता सरकार से इस युद्ध के बारे में देश की स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि संसद में इस पर विस्तार से बात हो और सरकार जवाब दे।

संसद सत्र पर अखिलेश की राय

अखिलेश यादव ने संसद सत्र पर कहा कि हमारी विदेश नीति भाजपा सरकार की वजह से कमजोर हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि विदेश में फंसे लोग कैसे सुरक्षित लौटेंगे। महंगाई पर भी उन्होंने चिंता जताई। अखिलेश ने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि उन्हें नजरअंदाज करना। वहीं अखिलेश ने एक्स पर लिखा कि बजट सत्र के बीच में ब्रेक हुआ था, तब मुद्दे अलग थे। लेकिन अब युद्ध जैसे हालात हैं। संकट के इस समय में प्राथमिकता इन विषयों पर होनी चाहिए:-

  • युद्ध के बारे में देश का पक्ष और राय क्या है?
  • विदेश नीति को गिरवी रखने का मुद्दा।
  • तेल जैसी जरूरी चीजों पर खुद फैसला लेने की बजाय अमेरिकी आदेश मानना।
  • देश की संप्रभुता और आत्मनिर्भरता का सवाल।
  • युद्ध प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय कामगारों या पर्यटकों की सुरक्षा और उन्हें भारत लाने का मुद्दा।
  • प्रधानमंत्री के साथ गए लेकिन युद्ध शुरू होने से भारत न लौट पाए पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को सुरक्षित वापस लाने का सवाल।
  • युद्ध की वजह से जरूरी सामान की सप्लाई नियमित रखना और उनके बढ़ते दामों को काबू में करने का विषय।