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महंगाई और भ्रष्टाचार पर अखिलेश यादव का बीजेपी पर हमला, सोशल मीडिया पर किया लंबा-चौड़ा पोस्ट

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।

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लखनऊ

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Prateek Pandey

May 31, 2025

फोटो: अखिलेश यादव, सोशल मीडिया (एक्स)

फोटो: अखिलेश यादव, सोशल मीडिया (एक्स)

अखिलेश यादव ने बीजेपी को महंगाई का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जब तक मुनाफाखोरी और चंदा वसूली बंद नहीं होती, तब तक महंगाई कम होने की उम्मीद करना बेकार है।

सोशल मीडिया पर किया लंबा-चौड़ा पोस्ट

अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, “भाजपा सरकार को पहले मुनाफाखोरी पर लगाम लगानी चाहिए और अपने नेताओं की चंदा वसूली बंद करनी चाहिए, तभी जाकर महंगाई पर कोई नियंत्रण हो सकता है। खाद्य तेलों पर आयात शुल्क कम करने का फायदा केवल उत्पादकों को नहीं, बल्कि आम लोगों को भी मिलना चाहिए।”

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सपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या आयात शुल्क में कटौती महज कुछ चुनिंदा कारोबारियों को फायदा पहुंचाने के लिए की गई है? उन्होंने कहा कि अब खुद भाजपा सरकार मान रही है कि महंगाई बेकाबू हो चुकी है और अगर इसे जल्दी नहीं रोका गया, तो जनता भाजपा नेताओं के घरों के बाहर प्रदर्शन करने लगेगी।

एक अधिकतम लाभ सीमा तय करे सरकार: अखिलेश यादव

उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार खाद्य पदार्थों पर एक अधिकतम लाभ सीमा तय करे, ताकि कंपनियां जरूरत से ज्यादा मुनाफा न कमा सकें। लेकिन इसके लिए पहले भाजपा को यह संकल्प लेना होगा कि वह खाद्य कंपनियों से राजनीतिक चंदा लेना बंद करेगी, क्योंकि अंततः यह बोझ आम जनता पर ही पड़ता है।

अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की नीतियों में कभी दाम नियंत्रण की भावना नहीं रही। उनके अनुसार, महंगाई रोकने के लिए ईमानदार नीयत की जरूरत है, जो भाजपा शासन में नहीं दिखती।

"सांप घोटाले" पर दी प्रतिक्रिया

मध्य प्रदेश में कथित "सांप घोटाले" पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है, जहां एक ही व्यक्ति को बार-बार मृत दिखाकर सरकारी धन की लूट की जा रही है।