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बदल गई समाजवादी पार्टी की तस्वीर, अखिलेश हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही अखिलेश ने लिया एक्शन, शिवपाल से लिया पद तो अमर सिंह हुए बाहर

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Kaushlendra Singh

Jan 01, 2017

Akhilesh

Akhilesh

लखनऊ।
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की नाराजगी के बावजूद प्रो. रामगोपाल यादव द्वारा बुलाई गई पार्टी की आपातकालीन बैठक में भारी संख्या में समाजवादी नेता पहुंचे। अधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रो. रामगोपाल यादव ने अखिलेश यादव को पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे सभी ने हाथोंहाथ लिया और उन्हें अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अंतत: समाजवादी पार्टी पर अखिलेश यादव ने अपना कब्जा जमा लिया। मुलायम सिंह यादव को पार्टी का संरक्षक नियुक्त किया गया है।


अब बदलेगी सपा


अधिवेशन में अपने भाषण के दौरान रामगोपाल ने साफ कहा कि अब जरूरत के अनुरूप राष्ट्रीय अध्यक्ष खुद पार्टी के संगठन में जरूरी बदलाव करेंगे। पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए जिसे नई जिम्मेदारी देनी होगी उसे देंगे।


शिवपाल-अमर पर नजर आया गुस्सा


अधिवेशन में रामगोपाल और अखिलेश के संबोधन में साफ तौर पर निशाने पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव और अमर सिंह ही रहे। रामगोपाल ने कहा कि दो लोग पार्टी को कमजोर करने का प्रयास कर रहे थे। वहीं अखिलेश ने एक बार फिर कहा कि अमर सिंह ने मुझे हटाने के लिए अपने घर से टाइपराइटर मंगवाया था।


शिवपाल पद से हटे, अमर की हुई छुट्टी


पार्टी के अधिवेशन में शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष से हटा दिया गया इसके साथ ही साथ अमर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।


नेता जी हमेशा सम्मानित


अखिलेश ने अपने संबोधन में साफ कहा कि नेताजी हमेशा से हमारे सम्मानिय थे अब मैं उनकी और अधिक इज्जत करूंगा। अखिलेश ने कहा कि वे मेरे पिता हैं और हमेशा रहेंगे, ये रिश्ता मुझसे कोई नहीं छीन सकता।


मुलायम के चहेते भी पहुंचे अधिवेशन


मुलायम सिंह यादव ने अधिवेशन को असंवैधानिक बताते हुए एक चिट्ठी जारी की थी लेकिन फिर भी उनके कई करीबी नेता अधिवेशन में पहुंचे। आपको बता दें कि रेवतीरमण सिंह, किरणमय नंदा, अहमद हसन और बलराम यादव जैसे नेता मंच पर मौजूद थे और उन्होंने अखिलेश यादव को आशीर्वाद भी दिया।


शिवपाल के समर्थक भी मैदान में


यही नहीं मौके का रुख देख अधिवेशन में तमाम शिवपाल समर्थक भी पहुंचे और साफ तौर पर अखिलेश के पक्ष में समर्थन दिखाया।

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