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अखिलेश दोबारा बन सकते हैं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष!

समाजवादी पार्टी की अगामी पांच अक्टूबर को ताज नगरी आगरा में होने वाली बैठक में अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लगनी है।

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Akhilesh Yadav

Akhilesh Yadav

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (सपा) की अगामी पांच अक्टूबर को ताज नगरी आगरा में होने वाली बैठक में अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लगनी है। माना जा रहा है कि पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष जो भी बनेगा वह पांच साल के लिए होगा। क्योंकि पिछले दिनों पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल चौधरी ने कहा था, अब पार्टी को राष्ट्रीय अध्यक्ष पांच साल के लिए होगा। सूत्रों की मानें तो पार्टी का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही होंगे।

सूत्र बताते हैं कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अखिलेश यादव के नेतृत्व में ही अगला नगर निगम और लोकसभा चुनाव लडऩा चाहते हैं। यही वजह है कि पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव के नाम पर मुहर लग सकती है। वहीं, इससे पहले 23 सितंबर को लखनऊ में होने वाली पार्टी की राज्य स्तरीय अधिवेशन में पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष चुना जाएगा। बता दें कि पार्टी के दिग्गज नेता व अखिलेश के चाचा शिवपाल सिंह यादव को यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर नरेश उत्तम को नया प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया था। वहीं, अब नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए कई दिग्गज नेता जोड़-तोड़ में जुट गए हैं।

लोकसभा उपचुनाव की तैयारी में जुटी पार्टी

वहीं पार्टी लोकसभा चुनाव 2019 के साथ ही प्रदेश में रिक्त हुई दो लोकसभा सीट (गोरखपुर और इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा सीटा) के उप चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। इस चुनाव में पार्टी मजबूती के साथ कैसे उतरे, इस पर मंथन भी शुरू हो गया है। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने सोमवार को बताया कि राष्ट्रीय अधिवेश से पहले अगामी 23 सितम्बर को राज्य स्तरीय अधिवेशन का आयोजन राजधानी लखनऊ में किया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश के जिलों से हजारों प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस अधिवेशन में प्रदेश से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

रमाबाई अंबेडकर मैदान में होगा राज्य स्तरीय अधिवेशन

पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने कहा था कि लखनऊ में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यालय में बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन तथा आयोजन स्थल पर अंतिम फैसला लिया गया। इसके साथ ही तय किया गया कि पार्टी का राज्य स्तरीय अधिवेशन 23 सितंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर रैली स्थल मैदान में किया जाएगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन पांच अक्टूबर को आगरा में होगा। नंदा ने बताया कि 23 सितम्बर को राज्य स्तरीय अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के जिलों से हजारों प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मलेन में सर्वसम्मति से नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।

अधिवेशन में अध्यक्ष चुने गए थे अखिलेश

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नंदा ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई बैठकों और आयोजनों में कहा है कि पार्टी के अधिवेशन के जरिये ही अब राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना चाहिए। आगरा में पांच अक्टूबर को पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित हो रहा है, इसी अधिवेशन में समाजवादी पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर भी मुहर लग जाएगी। मालूम हो कि इसी साल एक जनवरी को राजधानी लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में पार्टी का अधिवेशन बुलाकर अखिलेश यादव ने सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद ले लिया था। इसी अधिवेशन में पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक बनाया गया था।

सपा में प्रदेश अध्यक्ष पद को ही लेकर हुई थी तकरार

मालूम हो कि बीते साल सितम्बर में ही सपा के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर ही पार्टी में तकरार शुरू हुई थी। जब मुलायम सिंह यादव नेे अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाकर शिवपाल सिंह यादव को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया था। तकरार इतनी बड़ी कि मुलायम सिंह ने दिसंबर में अखिलेश को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। हालांकि उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया था। इसके बाद एक जनवरी को जनेश्वर मिश्रा पार्क में अधिवेशन बुलाकर अखिलेश यादव ने सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद ले लिया था और मुलायम सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक बना दिया था। इसके बाद शिवपाल गुट अखिलेश पर फिर से हमलावर हो गया था।

राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर होती रही है शिवपाल-अखिलेश में तकरार

मालूम हो कि जब से अखिलेश यादव पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। उसके बाद से ही शिवपाल यादव गुट और हमलावर हो गया है। शिवपाल ने कई बार खुले मंच से अपने भतीजे व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोडऩे की नसीहत दी है। साथ ही शिवपाल ने अखिलेश से यह भी कहा था कि वह नेता जी (मुलायम सिंह यादव) को दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद सौंप दें। इस पर अखिलेश ने कहा था कि अब अधिवेशन के जरिये ही पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा।

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