
अखिलेश की गुगली में उलझ गए चाचा शिवपाल, पापा मुलायम भी हुए हिट विकेट!
लखनऊ. पांच साल के लिए समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद अखिलेश यादव ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के 55 सदस्यों की घोषणा कर दी। इस लिस्ट में दो बातें सबसे खास रहीं। पहली ये कि इस कार्यकारिणी में पिता मुलायम सिंह यादव के करीबियों को विशेष तरजीह दी गई है। वहीं दूसरी ये कि चाचा शिवपाल सिंह यादव को पूरी तरह भुलाते हुए उन्हें पार्टी में कोई पद नहीं दिया गया है। कार्यकारिणी में दूसरे चाचा रामगोपाल यादव की प्रमोशन करते हुए उन्हें सपा का प्रमुख महासचिव बनाया गया है। सपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की ये हैं खास बातें...
- अखिलेश ने नए संविधान के अनुसार एक उपाध्यक्ष, एक प्रमुख महासचिव, एक कोषाध्यक्ष, 10 महासचिव, 10 सचिव बनाए हैं।
- राम गोपाल यादव का प्रमोशन करके प्रमुख महासचिव बनाया गया।
- कार्यकारिणी में 25 सदस्य और 6 विशेष आमंत्रित सदस्य नामित किए हैं।
- राष्ट्रीय अधिवेशन से पहले सपा में सुलह के लिए मुलायम सिंह द्वारा पेश फॉर्मूला फेल।
- अखिलेश ने सपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व अपने चाचा शिवपाल को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में भी नहीं दी जगह।
- राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा में भी मुलायम के नाम का कोई उल्लेख नहीं है। सपा के संविधान में संरक्षक का कोई पद नहीं।
- राम गोपाल के बेटे अक्षय यादव के अलावा परिवार के किसी सदस्य को कार्यकारिणी में जगह नहीं।
- जया बच्चन समेत 5 महिलाओं को कार्यकारिणी में शामिल किया गया।
- अखिलेश की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 7 मुस्लिमों को जगह।
- अखिलेश ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन में पिछड़ों को तरजीह।
- प्रमुख महासचिव के अलावा 10 महासचिवों में पांच पिछड़े वर्ग से और तीन दलित।
- दलितों में पासी समाज को तरजीह।
- सचिवों में भी चार पिछड़े वर्ग से।
राष्ट्रीय महासचिव
पूर्व मंत्री आजम खां, राज्यसभा सदस्य नरेश अग्रवाल (हरदोई), रविप्रकाश वर्मा (लखीमपुर), सुरेन्द्र नागर (बुलंदशहर), पूर्व मंत्री बलराम यादव (आजमगढ़) सांसद विशंभर प्रसाद निषाद (बांदा), अवधेश प्रसाद (फैजाबाद), बसपा से आए इंद्रजीत सरोज (कौशांबी), रामजीलाल सुमन (आगरा) और रमाशंकर विद्यार्थी राजभर (देवरिया)।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य
जया बच्चन (मुंबई), अहमद हसन (लखनऊ), रामगोविंद चौधरी (बलिया), अबु आसिम आजमी (महाराष्ट्र), चन्द्रपाल सिंह यादव (झांसी), जावेद अली खां (मुरादाबाद), नीरज शेखर (बलिया), एसआरएस यादव (लखनऊ), अरविंद कुमार सिंह (गाजीपुर), राम आसरे विश्वकर्मा (आजमगढ़), ऊषा वर्मा (हरदोई), जूही सिंह (लखनऊ), रामहरी चौहान (मऊ), रमदुलार राजभर (आजमगढ़), विनोद सविता (अलीगढ़), डॉ. लाखन सिंह पाल (बिजनौर), डॉ. सुदीप रंजन सेन (पश्चिम बंगाल) अरुण दुबे (जौनपुर), राजीव राय (मऊ), संतोष द्विवेदी (कानपुर), जगदीप सिंह यादव (लखनऊ), अविनाश कुशवाहा (सोनभद्र), उज्जवल रमण सिंह (इलाहाबाद), संजय लाठर (हरियाणा) व राजपाल कश्यप (हरदोई)।
राष्ट्रीय सचिव
जॉय एंटोनी (केरल), रामपूजन पटेल (इलाहाबाद), डॉ. मधु गुप्ता (लखनऊ), कमाल अख्तर (अमरोहा), अभिषेक मिश्र (लखनऊ), राजेन्द्र चौधरी (गाजियाबाद), रमेश प्रजापति (गाजियाबाद), पीएन चौहान (कुशीनगर), अरुणा कोरी (कानपुर देहात) और जावेद आब्दी (अमरोहा)।
मुसलमानों को तरजीह
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 7 मुस्लिमों को जगह दी गई है। आजम खां को राष्ट्रीय महासचिव, कमाल अख्तर और जावेद आब्दी को सचिव बनाया गया है। वहीं अहमद हसन, अबु आजमी और जावेद अली खान को कार्यकारिणी सदस्य और अल्ताफ को विशेष आमंत्रित सदस्य नामित किया गया है।
विशेष आमंत्रित सदस्य
अल्ताफ अंसारी (मऊ), किसान सिंह सैंथवार (देवरिया), व्यास गौंड (सोनभद्र), अक्षय यादव (फिरोजाबाद), मो. इकबाल कादरी (लखनऊ), शिव कुमार राठौर (आगरा)।
महिलाओं को जगह
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पांच महिलाओं को भी जगह दी गई है। डॉ. मधु गुप्ता और अरुणा कोरी को सचिव बनाया गया है। जबकि जया बच्चन, ऊषा वर्मा और जूही सिंह कार्यकारिणी सदस्य हैं।
Published on:
17 Oct 2017 10:10 am
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