
अखिलेश यादव ने सरकार बनने पर महिलाओं को 40 हजार रुपए सालाना देने की कही बात, PC- Patrika
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी बिसात बिछने लगी है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को राजधानी में 'महिला सम्मान समारोह' के जरिए बड़ा दांव चलते हुए घोषणा की कि यदि प्रदेश में सपा की सरकार बनती है, तो महिलाओं को प्रति वर्ष 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने 'समाजवादी पेंशन' योजना को पुनर्जीवित करने का संकल्प भी दोहराया। इस दौरान मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने भी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि 'नए भारत' में बेटियां असुरक्षित और डरी हुई हैं।
योगी सरकार के संभावित कैबिनेट विस्तार पर चुटकी लेते हुए अखिलेश ने कहा कि नवरात्र में मंत्रियों को शपथ दिलाना केवल नाराज लोगों को संतुष्ट करने का प्रयास है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बजट पूरा खर्च हो चुका है, तब मंत्री बनाने का क्या औचित्य है? उन्होंने आरोप लगाया कि आनन-फानन में विभागों को बजट आवंटित कर टेंडर स्वीकृत किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर जनता को 'सेवई मिली या गुझिया', इसका कुछ अता-पता नहीं है।
लखनऊ के ड्रीम प्रोजेक्ट 'ग्रीन कॉरिडोर' को आड़े हाथों लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे 'बर्बाद कॉरिडोर' करार दिया। अखिलेश ने कहा, 'रक्षामंत्री अपने क्षेत्र के लिए अच्छा करना चाहते हैं, लेकिन सरकार ने ऐसा डिजाइन बनाया है जिसमें पैदल चलने वालों के लिए जगह ही नहीं है। 7 हजार करोड़ रुपए खर्च करने के बाद भी यह सड़क मानकों के विपरीत है।' उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार के इस दोषपूर्ण डिजाइन के कारण हर चौराहे पर पुलिस तैनात करनी पड़ेगी।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि यूपी में 'लॉ एंड ऑर्डर' की हत्या हो चुकी है। गोरखपुर में भाजपा नेता की हत्या और वाराणसी में छात्र की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब 'पॉलिटिकल टूल' बन गई है। उन्होंने तंज कसा कि प्रदेश में 'हथेली गरम, पुलिस नरम' के सिद्धांत पर काम हो रहा है। उन्होंने अंकिता भंडारी केस और बदायूं की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े गवाह हैं कि भाजपा शासित राज्यों में महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं।
Updated on:
22 Mar 2026 07:31 pm
Published on:
22 Mar 2026 07:31 pm
