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लोकसभा चुनाव: अखिलेश यादव बोले- यूपी में 65 सीटों पर लड़ेगी सपा, बाकी सहयोगी दलों के लिए छोड़ें

2024 लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 28 दलों के नेताओं द्वारा घोषित 'इंडिया' गठबंधन में अभी सीट बंटवारे पर कोई फॉर्मूला तय नहीं हुआ है। इससे पहले ही अखिलेश ने दांव चल दिया है। उन्होंने कहा कि यूपी में सपा 65 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। बाकी 15 सीटों पर सहयोगी दल।  

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लखनऊ

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Anand Shukla

Nov 02, 2023

Akhilesh Yadav said  SP will contest 65 seats in Lok Sabha Elections and 15 Seats for allies

इंडिया गठबंधन में सीटें बंटवारे से पहले ही अखिलेश यादव दांव चल दिया है।

लोकसभा चुनाव 2024 में एनडीए को हारने के लिए देश की 28 विपक्षी पार्टियों ने मिलकर एक नया गठबंधन बनाया है। जिसका नाम ‘इंडिया’ दिया गया है। हालांकि, अभी सीटें बंटवारें पर फैसला होना बाकी है। इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक नया दांव चल दिया है। बुधवार को उन्होंने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन बनता है, तो 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा 80 में से 65 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी 15 सीटें गठबंधन सहयोगियों के लिए छोड़ देगी।

INDIA गठबंधन सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ 2024 लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 28 दलों के नेताओं द्वारा घोषित एक विपक्षी मोर्चा है। यूपी में इंडिया गठबंधन में चार दल हैं- एसपी, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और अपना दल (के)।

यूपी में बीजेपी को हराने में पूरी तरह सक्षम है सपा
लखनऊ में बुधवार को सपा मुख्यालय पर नवगठित राज्य कार्यकारिणी समिति की पहली बैठक हुई। इसे संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा, "सपा यूपी की सभी 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। अगर कांग्रेस के साथ इंडिया की साझेदारी बनी रही तो सपा 65 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी।

उन्होंने आगे कहा कि सपा अकेले दम पर यूपी में बीजेपी को हराने में पूरी तरह सक्षम है। अगर 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में बेईमानी नहीं हुई होती, तो प्रदेश में सपा सरकार बना लेती। इसलिए पार्टी को लोकसभा चुनाव में बेईमानी के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी सतर्कता सुनिश्चित करनी चाहिए।

दरअसल मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में सीटें बंटवारें पर कांग्रेस और सपा के विवाद खड़ा हो गया था। दोनों के नेता एक दूसरे आरोप प्रत्यारोप लगा रहे थे। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में सपा के लिए कोई सीट नहीं छोड़ी। इसके बाद सपा ने एमपी की 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिए।

मध्यप्रदेश में सपा ने कांग्रेस से मांगी थी 6 सीटें
इस मुद्दे पर अखिलेश ने कहा कि हमने मध्य प्रदेश में कांग्रेस से केवल छह सीटें मांगीं थी, जहां सपा मजबूत स्थिति में है। लेकिन कांग्रेस पीछे हट गई और 2018 के चुनावों में एसपी द्वारा जीती गई सीट पर भी अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा, ''हमने एमपी में उम्मीदवार उतारे हैं और हम वहां प्रचार करने भी जाएंगे।''

सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से कोई भी फालतू बयान न देने की अपील करते हुए यादव ने कहा, ''राष्ट्रीय नेतृत्व की नीतियों और निर्देशों के मुताबिक बयान दें। पार्टी के भीतर किसी भी गुटबाजी में शामिल न हों, बल्कि बूथ और संगठन स्तर पर पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान दें। इसी के साथ सपा प्रमुख ने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा के झूठ और दुष्प्रचार तथा शासन के सभी स्तरों पर विफलता'' को उजागर करने के लिए लगन से काम करें

राम गोपाल यादव ने गुटबाजी के खिलाफ के दी चेतावनी
सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने पार्टी के भीतर किसी भी गुटबाजी के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हों। उन्हें तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए। सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने कार्यकर्ताओं से पार्टी को मजबूत करने और भाजपा सरकार को हटाने के लिए समन्वय और सहयोग पर जोर देने का आह्वान किया।

अखिलेश यादव ने विधानसभा क्षेत्र-वार बूथ प्रभारी नियुक्त किए। उन्होंने कहा, ''असली लड़ाई बूथ स्तर पर होगी। अगर हम बूथ स्तर पर मजबूत और सतर्क रहें तो कोई भी ताकत सपा की जीत को नहीं रोक सकती। इस साल अगस्त में पुनर्गठित हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में करीब 300 सदस्य शामिल हुए थे।