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गन्ना किसानों के मुद्दे को लेकर अखिलेश का ब़ड़ा बयान- भाजपा सरकार को बताया किसान विरोधी

गन्ना किसानों के मुद्दे को लेकर अखिलेश का ब़ड़ा बयान- भाजपा सरकार को बताया किसान विरोधी
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लखनऊ

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Prashant Srivastava

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Updated: 13 Nov 2018, 7:56 PM IST

akhilesh

Akhilesh Yadav

लखनऊ. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। गन्ना किसान बदहाल हैं। समय से चीनी मिलें न चलने के कारण किसान का खेतों में खड़ा गन्ना सूख रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर के अंत तक प्रदेश की चीनी मिलों में पेराई शुरू करने की समय सीमा निर्धारित की गई थी किन्तु अब भाजपा सरकार ने सभी चीनी मिलों में 27 नवम्बर तक पेराई शुरू कराने के निर्देश दिए हैं।


अखिलेश के मुताबिक, खेती किसानी से भाजपा का नाता रिश्ता न होने का यह प्रमाण है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेंहू की बुवाई हर हाल में 20 नवम्बर 2018 तक हो जानी चाहिए लेकिन तब तक गन्ने का खेत खाली नहीं होगा तो गेंहू कैसे बोया जाएगा? इससे तो किसान को ही नुकसान होना है। गन्ने की पेराई अभी सुचारू रूप से कहीं भी शुरू नहीं हो सकी, जबकि प्रदेश में 119 चीनी मिले हैं। विभागीय अधिकारी आंकड़ेबाजी से अपनी कमी छुपाने के लिए सच को दबाने और झूठ को फैलाने में लगे हैं।


समाजवादी सरकार में जहां गन्ने के समर्थन मूल्य में एक मुश्त 40 रूपए तक की बढ़ोत्तरी कर दी गई थी भाजपा सरकार के ऐसा कुछ भी न करने से किसान हताश और निराश हो गए हैं। मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर तराई क्षेत्रों से लेकर पूर्वांचल तक गन्ना क्षेत्रों में किसान आंदोलित है। किसान को न तो फसल की लागत मिल रही है और नहीं उसका बकाया अदा हो रहा है। भाजपा राज में डीजल के दाम बढ़ने के साथ यूरिया और डीएपी खाद के दामों में भी बढ़ोत्तरी हुई है। गन्ना किसान मंहगाई और कर्ज से परेशान है।


अखिलेश बोले, भाजपा सरकार को किसानों के हितों की कोई चिंता नहीं है उसे तो बस 2019 में चुनाव की ही फिक्र है। किसानों को बहलाने फुसलाने के लिए वैसे ही दावे किए जा रहे हैं जैसे पहले किसानों की आय दुगनी करने, कर्जमाफी करने, फसल बीमा आदि के किए गए थे। लेकिन अब किसान जान गया है कि हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और होते हैं। भाजपा सरकार के बयानों से अब ऊसर जमींन में खेती नहीं होने वाली हैं।