
आजम खान के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा उनकी पार्टी के सीनियर नेता आजम खान को फर्जी मुकदमों में फंसाकर तंग कर रही है।
हेट स्पीच के एक केस में तीन साल की सजा होने के बाद सपा नेता आजम खान की विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है। आजम खान रामपुर से विधायक चुने गए थे। इसको सपा प्रमुख ने पूरी तरह से राजनीतिक बदले की कार्रवाई कहा है।
आजम सांप्रदायिकता विरोधी इसलिए किए जा रहे परेशान
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आजम खान को लेकर कहा, आजम साब लगातार भाजपा सरकार की नजरों में खटक रहे हैं। इसकी वजह ये है कि वह सांप्रदायिक ताकतों के विरोधी हैं और समाजवाद के लिए लड़ते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि मोहम्मद आजम खान ने अपने जीवन में काफी संघर्ष किया है। उन्होंने रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय जैसा उच्चस्तरीय शिक्षण संस्थान बनाया। इस शिक्षण संस्थान के बनाने से ही बीजेपी सबसे ज्यादा नाराज है।
आजम खान पर हो रहे फर्जी केस
अखिलेश ने कहा कि आजम खान 10 बार रामपुर से विधायक रहे हैं। मंत्री और नेता प्रतिपक्ष भी रहे हैं। इसके बावजूद आए दिन आजम खान के खिलाफ फर्जी मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। ये उनके खिलाफ भाजपा की घटिया राजनीति है।
भाजपा को निशाने पर लेते हुए अखिलेश यादव ने राजनीति में दुश्मनी की भावना नहीं रखनी चाहिए। लोकतंत्र में विपक्ष की भी अहम भूमिका होती है, जिसका बीजेपी को सम्मान करना चाहिए। उनको विपक्षी नेताओं को परेशान करना बंद करना चाहिए।
2019 के केस में हुई है आजम खान को सजा
आजम खान पर 2019 के लोकसभा चुनाव में नफरती भाषण देने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। इसमें कोर्ट ने उनको दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। सजा के ऐलान के बाद शुक्रवार को उनकी विधानसभा की सदस्यता भी रद्द कर दी गई है।
Published on:
30 Oct 2022 12:30 pm
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