
लखनऊ. AKTU के छात्र-छात्राओं को एनपीटीएल (NPTEL) के कोर्सेज से जोड़ने के लिए निर्णय लिया गया है। एकेटीयू की बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्तमान सत्र में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर यूनिवर्सिटी के सम्बद्ध 37 संस्थानों के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को मूक्स के माध्यम से एक कोर्स करना अनिवार्य है। यूनिवर्सिटी के यह 37 संस्थान ऐसे हैं जो कि एनपीटीएल के लोकल चैप्टर में पंजीकृत हुए हैं।
दरअसल मूक्स एकेटीयू के लिए कोर्स तैयार कर रहा है, जिसमें विवि के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को पंजीकृत हो एक ऑनलाइन कोर्स करना होगा। बैठक में यह भी कहा गया कि सत्र जुलाई, 2018 से सभी संस्थानों के छात्र-छात्राओं के लिए मूक्स के माध्यम से एक ऑनलाइन कोर्स करना अनिवार्य हो जाएगा।
यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. पाठक ने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए ऑनलाइन माध्यम से कोर्स करना तथा परीक्षा देना एक अलग अनुभव होगा। साथ ही साथ देश के विभिन्न उत्कृष्ट सस्थानों के आचार्यों के द्वारा तैयार की गयी अध्ययन सामग्री एवं व्याख्यानों से सीखना लाभकारी सिद्ध होगा। एकेटीयू के प्रवक्ता के मुताबिक टीचिंग–लर्निंग के क्षेत्र में इन्टरनेट ने पैराडाइम शिफ्ट किया है। छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ने के लिए प्रेरित करना वर्तमान दौर की आवश्यकता बनती जा रही है।
एकेटीयू लाएगा ई-लर्निंग पोर्टल
एकेटीयू एक लर्निंग पोर्टल शुरू करेगा। पोर्टल का लाभ यूपी के लाखों इंजीनियरिंग के छात्रों और वहां की फैकल्टी को मिलेगा। वह अपने संबंधित विषय की पढ़ाई आसानी से ऑनलाइन कर सकेंगे। आगामी सेमेस्टर से इसकी शुरुआत होगी। इसी साल एमएचआरडी और एआईसीटीई ने ऑनलाइन एजुकेशन पोर्टल 'स्वयं' की शुरुआत की है। पोर्टल पर इंजीनियरिंग के तमाम कोर्स मुफ्त में उपलब्ध हैं। इसी तर्ज पर एकेटीयू लर्निंग पोर्टल शुरू करेगा। जिसमें एकेटीयू व उससे संबद्ध कॉलेजों के शैक्षिक अपने-अपने विषयों से संबंधित लेक्चर आदि रिकार्ड कर कोर्स का मैटेरियल उपलब्ध कराएंगे।
टेक्निकल एजुकेशन इंप्रूमेंट प्रोग्राम के कॉर्डिनेटर एसपी शुक्ला के मुताबिक पोर्टल पर उपलब्ध कोर्सों को आईआईटी के प्रोफेसरों ने तैयार किए हैं। जो काफी उच्चस्तरीय हैं। आईआईटी के छात्रों को पढ़ाई में पूरा लाभ मिल रहा है। वहीं अन्य छात्रों के लिए यह कोर्स थोड़े कठिन साबित हैं। यही वजह है कि एकेटीयू अपनी पढ़ाई के स्तर से इन छात्रों को कोर्स उपलब्ध करवाने के लिए यह कवायद शुरू कर रहा है।
Published on:
12 Jan 2018 07:32 pm
