
लखनऊ. कभी मार्कशीट अपग्रेड करवाने के लिए तो कभी डिग्री निकलवाने के लिए अक्सर तमाम छात्र एकेटीयू के चक्कर लगाते रहे हैं। ऐसे में अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी छात्रों को राहत देने के लिए कॉल सेंटर की शुरुआत करने जा रहा है। इस कॉल सेंटर में छात्रों की समस्याओं से जुड़ी आने वाले सभी फोन कॉल्स की न केवल सुनवाई हो सकेगी। बल्कि, उसपर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल एकेटीयू की कार्यपरिषद की 30वीं बैठक में कॉल सेंटर खोलने का फैसला लिया गया है। इस दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। छात्रों में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट स्कीम शुरू की जाएगी। इसके तहत, स्टार्टअप जैसी गतिविधियों से जुड़ने वाले छात्रों को कुछ अतिरिक्त क्रेडिट मार्क्स दिए जाएंगे। बैठक में विश्वविद्यालय में मानदेय पर काम करने वाले कर्मचारियों को 20 आकास्मिक अवकाश और महिलाओं को प्रसूति अवकाश देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने की। उनके साथ, आईआईटी कानपुर के पूर्व निदेशक प्रो. संजय गोविंद धांड़े, प्रो. एसके अवस्थी, विशेष सचिव अबरार अहमद, कुलसचिव ओपी राय समेत अन्य मौजूद रहे।
पीएचडी धारकों को ही मिलेगा सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज में पढ़ाने का मौका
एकेटीयू से संबद्ध संस्थानों में पठन पाठन के स्तर को बढ़ाने के लिए अहम फैसला लिया है। कार्यपरिषद ने विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ स्टडीज में सहायक शिक्षक पद के लिए उच्च योग्यता निर्धारित करते हुए सिर्फ पीएचडी धारकों को ही चुनने का फैसला लिया है। इसी तरह, डिजाइन इंस्टीट्यूट नोएडा के कोर्स का स्वरूप अधिक प्रोफेशनल होने के कारण यहां शिक्षक भर्ती में उद्योग का अनुभव रखने वाले व्यक्तियों पर विचार करने का फैसला लिया गया। एकेटीयू के मीडिया को-ऑर्डिनेटर आशीष मिश्रा ने बताया कि यूनिवर्सिटी से संबद्ध संस्थानों में पठन पाठन के स्तर को बढ़ाने के लिए अहम फैसला लिया है। इस कारण पीएचडी कंपलसरी की गई है।
Published on:
23 Aug 2017 12:25 am
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