
यूपी में IAS कैडर को बड़ी मजबूती: कानपुर, अयोध्या, कानपुर देहात,हरदोई, लखनऊ समेत 27 IAS पद बढे (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
PCS To IAS Big Boost to UP Administration: उत्तर प्रदेश प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करते हुए केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 27 नए पदों की स्वीकृति प्रदान की है। कैडर रिव्यू के बाद प्रदेश में अब IAS अफसरों की कुल स्वीकृत संख्या 683 हो गई है। इसके साथ ही यूपी स्टेट कैडर में भी 9 अतिरिक्त पद बढ़ाए गए हैं। इस संबंध में केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर को राज्य सरकार को औपचारिक आदेश भेज दिए हैं। इस फैसले को उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बढ़ती जनसंख्या, प्रशासनिक जिम्मेदारियों के विस्तार और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को देखते हुए लंबे समय से कैडर बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूपी देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है, जहां कानून-व्यवस्था, राजस्व, विकास, शहरी नियोजन, औद्योगिक निवेश और सामाजिक योजनाओं का भार अत्यधिक है। IAS कैडर बढ़ने से मैदानी स्तर पर निर्णय प्रक्रिया तेज होगी, अधिकारियों पर कार्यभार कम होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। DOPT द्वारा स्वीकृत 27 पदों में से 9 पद स्टेट कैडर के लिए निर्धारित किए गए हैं। इससे राज्य सरकार को अपने स्तर पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
कैडर रिव्यू का सबसे सकारात्मक प्रभाव प्रदेश सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों पर पड़ा है। वर्ष 2026 में PCS से IAS बनने वाले अफसरों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। यह उन अधिकारियों के लिए बड़ी राहत है, जो वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, PCS से IAS पदोन्नति कोटे में यह बढ़ोतरी योग्यता, वरिष्ठता और सेवा अनुभव के आधार पर की जाएगी। इससे न केवल अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक अनुभव भी IAS सेवा में समृद्ध होगा।
इस फैसले से 2010 बैच के कई वरिष्ठ PCS अधिकारियों को IAS बनने का अवसर मिलने जा रहा है। इनमें विभिन्न मंडलों और जिलों में अहम पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं:
इन अधिकारियों को विभिन्न प्रशासनिक क्षेत्रों में लंबे अनुभव का लाभ मिला है, जो IAS के रूप में राज्य को मिलेगा।
कैडर विस्तार का लाभ 2011 बैच के PCS अधिकारियों को भी मिलेगा, जो वर्तमान में जिलों, प्राधिकरणों और विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं:
वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि PCS से पदोन्नत होकर आने वाले IAS अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवहारिकता को भली-भांति समझते हैं। इससे नीति और क्रियान्वयन के बीच की खाई कम होती है।राज्य सरकार के स्तर पर इसे सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। साथ ही युवाओं में सिविल सेवा के प्रति आकर्षण और विश्वास भी बढ़ेगा।
Published on:
02 Jan 2026 07:51 am
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