
मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाले मेगा प्रोजेक्ट का अधिकांश काम पूरा, जनवरी में उद्घाटन की तैयारी (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Ganga Expressway 2026 Mega Project: उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए नए साल की शुरुआत एक बड़ी सौगात के साथ होने जा रही है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। 594 किलोमीटर लंबे इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का करीब 99 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है और जनवरी में इसके उद्घाटन की पूरी संभावना जताई जा रही है। योगी सरकार की योजना है कि प्रयागराज माघ मेले से पहले इस एक्सप्रेसवे को आम जनता के लिए खोल दिया जाए।गंगा एक्सप्रेस वे के शुरू होने से न केवल पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश की दूरी कम होगी, बल्कि प्रदेश के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
निर्माण एजेंसी के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का लगभग सारा निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। सर्वे और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। अगले चरण में एक्सप्रेसवे को संबंधित प्राधिकरण को सौंपा जाएगा। जनवरी माह में ट्रायल रन कराकर सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी, जिसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। फिलहाल एक्सप्रेस वे पर साइन बोर्ड लगाने, टोल प्लाजा तैयार करने, रोड मार्किंग, पेंटिंग और अन्य फिनिशिंग कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि उद्घाटन से पहले सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज की दूरी तय करने में यात्रियों को 11 से 12 घंटे का समय लग जाता है। गंगा एक्सप्रेस वे के शुरू होने के बाद यही सफर मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च में भी कमी आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के यातायात तंत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला साबित होगा।
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस वे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों और 29 गांवों से होकर गुजरता है। यह एक्सप्रेस वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ता है। इसके माध्यम से मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रयागराज जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। यह परियोजना इन क्षेत्रों के विकास की धुरी बनने जा रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसे 6 लेन के अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया गया है, जिसे भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 15 जनवरी के आसपास प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसका लोकार्पण किए जाने की संभावना है। खास बात यह है कि प्रयागराज माघ मेले से पहले इस एक्सप्रेस वे के शुरू होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे को सुरक्षा और सुविधाओं के लिहाज से अत्याधुनिक बनाया गया है। पूरे एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे वाहनों की गति और दुर्घटनाओं पर नजर रखी जाएगी। टोल प्लाजा के पास कंट्रोल रूम बनाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस चौकियां,फायर स्टेशन,ट्रॉमा सेंटर को भी जोड़ा जा रहा है, जिससे हादसों की स्थिति में तत्काल इलाज और राहत उपलब्ध कराई जा सके।
गंगा एक्सप्रेस वे के शुरू होने से प्रदेश में उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के आसपास औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब, वेयरहाउस और नई टाउनशिप विकसित होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर मिलेंगे।
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामान और व्यापारिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा। इससे राज्य की जीडीपी में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
कुल मिलाकर गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए नए साल का एक बड़ा तोहफा साबित होने जा रहा है। बेहतर सड़क, कम समय में लंबी दूरी तय करने की सुविधा और सुरक्षित यात्रा ये सभी सुविधाएं प्रदेशवासियों के जीवन को आसान बनाएंगी। गंगा एक्सप्रेसवे न केवल एक सड़क परियोजना है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई तस्वीर पेश करने वाला मेगा प्रोजेक्ट है।
Published on:
01 Jan 2026 09:00 am
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