
1102 संस्कृत विद्यालयों के विद्यार्थी देंगे परीक्षा, सख्त सुरक्षा इंतजाम (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
UP Sanskrit Education Board Exams from 19 Feb : उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद ने शैक्षिक सत्र की बोर्ड परीक्षाओं का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी तक प्रदेश भर में आयोजित की जाएंगी। इस वर्ष परीक्षाओं में 56 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे, जो प्रदेश के 1102 संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत हैं। परीक्षा संचालन को पारदर्शी, नकलविहीन और सुचारू बनाने के लिए परिषद ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश भर में करीब 250 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां कड़ी निगरानी में परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी।
परिषद के अनुसार इस वर्ष विभिन्न कक्षाओं में पंजीकृत छात्रों की संख्या इस प्रकार है-
परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 45 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पहचान और प्रवेश प्रक्रिया समय से पूरी हो सके।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 19 फरवरी को सभी कक्षाओं के लिए अनिवार्य संस्कृत विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षाओं का पहला पेपर होगा। इसके बाद क्रमशः व्याकरण, साहित्य, दर्शन, ज्योतिष, वेद, उपनिषद, इतिहास और अन्य विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
परिषद ने स्पष्ट किया है कि इस बार परीक्षाओं को नकलविहीन बनाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर
परीक्षाओं के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग भी पूरी तरह सतर्क रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास-
उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद के अधिकारियों का कहना है कि राज्य सरकार संस्कृत भाषा और परंपरागत भारतीय ज्ञान प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड परीक्षाओं का समयबद्ध और पारदर्शी आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्कृत विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए परीक्षा प्रणाली को भी आधुनिक बनाया गया है।
संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी परीक्षा संचालन में अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें समय पर छात्रों को प्रवेश पत्र वितरित करने,परीक्षा केंद्रों की जानकारी देने और अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बोर्ड परीक्षा की तारीखों की घोषणा के बाद छात्रों में तैयारी को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई विद्यालयों में पुनरावृत्ति कक्षाएं और विशेष मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि समय पर परीक्षा कार्यक्रम जारी होने से उन्हें तैयारी में सहूलियत मिली है।
संस्कृत शिक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “हमारा लक्ष्य निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण परीक्षा कराना है। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली गई हैं। छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।”
Updated on:
02 Jan 2026 08:59 am
Published on:
02 Jan 2026 08:58 am
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