
पॉलीथीन बिक्री पर हाईकोर्ट सख्त, 26 जुलाई तक मांगा जवाब
लखनऊ. हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ (Lucknow bench of High Court) ने पॉलिथीन और शहर में नालों की सफाई पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने नगर निगम से पूछा ही कि खुले नाले व नालियों की सफाई सफाई को बंद करने के लिए अब तक क्या उपाय किए हैं। पॉलिथीन पर पूरी तरह से पाबंदी क्यों नहीं लगाई जा रही है। अदालत ने कहा कि 26 जुलाई को हलफनामा देकर यह भी बताएं केबल डालने के बाबत सड़कों की खुदाई के लिए नगर निगम से इजाजत ली गई अथवा नहीं। अदालत ने कहा है कि यह भी बताएं कि अगर इजाजत ली भी गई है तो नियमों के तहत सड़कों की दोबारा मरम्मत क्यों नहीं की गई। यह आदेश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति आलोक माथुर की खंडपीठ एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिए हैं। अदालत ने शहर को साफ-सुथरा किए जाने में नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों से पूछा है कि पॉलिथीन पर पाबंदी लगाई कि नहीं।
छुट्टा जानवरों पर चिंता
शहर में गंदगी और जानवरों को लेकर कोर्ट ने गहरी चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि छुट्टा जानवरों को रखने के लिए अभी तक कितने पशु आश्रय बने हैं। अदालत ने नगर निगम से भी जवाब मांगा है कि इन जानवरों को पकड़ने की क्या व्यवस्था है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीके जैसवाल व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने पीठ में याची देवेंद्र कुमार की जनहित याचिका पर दिए हैं। याचिका में कहा गया है कि जानवरों की वजह से काफी दिक्कत हो रही है।
Published on:
20 Jul 2019 01:06 pm
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