13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मोदी सरकार ने जनता को ठगा, 23 मार्च से करूंगा आंदोलन: अन्ना हजारे

अन्ना ने राजधानी में भरी मोदी सरकार के खिलाफ हुंकार, 23 मार्च से दिल्ली में करेंगे आंदोलन

3 min read
Google source verification
gg

लखनऊ. एक वो वक्त था जब अन्ना हजारे की हुंकार ने जनता को सरकार के खिलाफ सड़क पर उतार दिया था लेकिन वक्त बदला अन्ना के अहम सहयोगियों ने उनका साथ छोड़ा लेकिन अन्ना ने लोकपाल का मुद्दा नहीं छोड़ा। उन्हें सुनने पहले जितनी भीड़ भी नहीं आ रही लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वह फिर से केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने जा रहे हैं। सोमवार को लखनऊ पहुंचे अन्ना हजारे ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। अन्ना ने कहा पीएम नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार जो लोकपाल विधेयक लेकर आई थी, उसे मोदी सरकार ने कमजोर कर दिया। यही कारण है कि वह 23 मार्च से दिल्ली में आंदोलन करेंगे।

'कई सरकार गिरा चुका हूं'

राजधानी के सदरौना गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अन्ना हजारे बोले सरकार सिर्फ एक ही चीज से डरती है, वह है गिरने से। उन्होंने कई सरकारें गिराई हैं। महाराष्ट्र में दो बार और पिछली केंद्र सरकार की बुरी हार में उनकी अहम भूमिका रही है। 23 मार्च को फिर वह किसानों और लोकपाल के मसले पर रामलीला मैदान में अनशन पर बैठेंगे। जब तक हल नहीं निकलेगा अनशन चलता रहेगा।'

आंदोलन से जुड़ने के लिए रखी शर्त

अन्ना हजारे से जब पूछ गया कि उनके कई सहयोगी राजनीति में चले गए, क्या उन्हें इस बात का मलाल है? तो इसे जवाब में वह बोले- इस बार वह आंदोलन में शामिल होने वालों से शपथ पत्र भरवाएंगे। इस शपथ पत्र में आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों को यह लिखकर देना होगा कि वे कभी राजनीति में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी ने राजनीति में कदम रखा तो वह उसे कोर्ट में घसीटेंगे। उन्होंने कहा कि इस बारआंदोलन में शामिल होने वाले लोगों से 100 रुपये का शपथपत्र लिया जाएगा। इसमें लिखा होगा कि वह राजनीति में कभी नहीं आएंगे।

पीएम मोदी पर साधा निशाना

राजधानी में अन्ना हजारे ने पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। पुरानी सरकार जो लोकपाल बिल लेकर आई थी मोदी सरकार ने उसे कमजोर कर दिया। अफसरों को पत्नियों, बच्चों की संपत्ति भी 31 मार्च तक घोषित करना था। नरेंद्र मोदी ने यह कानून खत्म कर दिया। इस कानून के खत्म होने के चलते फिर हर जगह रुपये का लेनदेन शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि यह सरकार आश्वासन देने वाली सरकार है। उन्होंने कहा, 'यह सरकार हर बात पर कहती है कि यह करेंगे, वह करेंगे पर करती कुछ नहीं है। चुनाव के पहले कहा कि 30 दिन में काला धन वापस लाएंगे और सबके अकाउंट में 15 लाख जमा होगा। सबको लगा 15 लाख आएंगे लेकिन कुछ नहीं मिला।

इस बार आर-पार की लड़ाई

उन्होंने कहा कि इस बार लड़ाई आर-पार की होगी। पिछली बार मनमोहन सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था लेकिन फिर भी पूरा नहीं किया। इसलिये इस बार मांगें पूरी होने तक आंदोलन चलेगा। बता दें कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे सोमवार सुबह लखनऊ पहुंचे। दो दिवसीय जनजागरण यात्रा के लिए राजधानी आए अन्ना हजारे 11 बजे अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वह सीधे काकोरी के लिए रवाना हो गए।

किसानों की बदहाली पर बोले अन्ना

अन्ना हजारे का कहना है कि देश में लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्त का कानून 2013 में पारित हो चुका है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी इस पर अमल नहीं किया गया है। इतना ही नहीं इतने लंबे समय तक कानून को लटकाए रखने की वजह से सरकार की मंशा पर पूरे देश को शक पैदा होने लगा है। सरकार इसके प्रावधानों में संसोधन करके उसके पूरे उद्देश्य को ही समाप्त कर देना चाहती है। देश में किसानों की बदहाली पर भी अन्ना हजारे ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने सरकार से किसानों की फसालों का उचित मूल्य दिलाने और स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं को तत्काल लागू करने की सिफारिश की है।

देखें वीडियो-