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क्या लोगों की प्राइवेसी भंग कर रही Yogi की पुलिस, ‘एंटी रोमियों स्क्वाड’ पर क्या कहती हैं लड़कियां

उत्तर प्रदेश में इस समय योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा कार्यकाल चल रहा है। पहले कार्यकाल में शुरू किए गए 'एंटी रोमियो स्क्वाड' फिर से तेजी लाने के लिए निर्देश जारी हो चुके हैं। लेकिन इस अभियान को लेकर भी अब लोगों के मन में काफी सवाल उठने लगे हैं।

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लखनऊ

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Dinesh Mishra

May 02, 2022

File Photo of Anti Romeo Squad in UP

File Photo of Anti Romeo Squad in UP

सबसे ज्यादा बालिग हो चुके युवाओं में इसको लेकर नाराजगी है, जिससे पुलिस उनकी प्राइवेसी भंग करती है। मथुरा के जवाहर बाग में हुई पुलिस जांच में कई लड़कियों और लड़कों को पुलिस ने बदतमीजी से बात करते हुए पार्क से भगाया। इसी तरह कुछ दिन पहले प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी। जब लड़कियों और लड़कों के फोटो खींचकर पुलिस के ओफ़्फ़िसियल ट्विट्टर पर पोस्ट किया गया था। जिससे उन्हे आस पड़ोस और दोस्तो के बीच अक्सर शर्मिंदा होना पड़ता है। वहीं उनमें से कई लड़कियां डिप्रेशन में हैं। ऐसे में पुलिस और पब्लिक का कनेक्ट कैसे हो इस पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। जबकि सुप्रीम कोर्ट के निजता को लेकर दिये गए फैसले पर भी अमल नहीं हो रहा।

एंटी रोमियो दल ने कुछ दिन पहले जिन लोगों का फोटो ट्विट्टर पर ड़ाला उनमें से एक लड़की दिव्य (काल्पनिक नाम) ने बताया कि उस दिन मेरे घर में मुझे बहुत ज्यादा डांट पड़ी जबकि मैं उस पार्क में अपनी फ्रेंड का वेट कर रही थी। क्योंकि उसे आने में टाइम लग रहा है। मेरे पूरे मोहल्ले में मुझे लेकर अलग तरह की बातें बनाई जा रही हैं। मुझे घर से निकलने के लिए भी रोक दिया गया है।

Freedom to Talk and Walk

वहीं एक लड़के ने कहा कि 'मैं 20 साल का हूँ। मेरी फ्रेंड भी 20 साल की है। हम वहाँ पर बैठकर आपस काम पर चर्चा कर रहे थे। लेकिन इनहोने मुझे बेज्जत किया।

Girls Objecting

जबकि एक लड़की स्वेता (काल्पनिक) ने कहा कि 'मुझे इसको लेकर बहुत आपत्ति है। क्योंकि आप उन्हें पकड़िए जो छेड़छाड़ कर रहे हैं। लेकिन आपस में जो लोग बैठे हैं किसी बात के लिए उन्हें क्यूँ परेशान किया जा रहा है।

High Court Guide line

लखनऊ हाईकोर्ट के अधिवक्ता अरविंद सिंह के मुताबिक पुलिस 'सुप्रीम कोर्ट' की गाइड लाइन का उल्लंघन कर रही है। अगर कोई बालिग प्रेमी जोड़ा भी सार्वजनिक जगह पर बैठा है तो उसकी तस्वीर लेना या सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर डालना गलत है। यह उनकी प्राइवेसी से जुड़ा है। जिसे भंग करने का अधिकार पुलिस को भी नही है। पुलिस की इस हरकत से ब्लैकमेलिंग का शिकार हो रहे पुलिस की इस कार्रवाई की जद में आने वाले युवा एक तरफ बेवजह अपमानित हो रहे, दूसरी ओर ब्लैकमेलिंग का भी शिकार हो रहे।

Girl Friend Photo Viral

गोमतीनगर में रहने वाले एक युवक ने बताया कि कुछ दिन पहले पुलिस ने उसकी गर्लफ्रैंड के साथ फोटो खिंचकर ट्वीट किया था। इस फोटो को लेकर कई युवक उसे काफी समय तक ब्लैकमेल करते रहे। इसी तरह की कई घटनाएं हुई लेकिन खौफजदा युवाओं ने इसका विरोध नहीं कर पाने की वजह से पार्कों में जाना ही बंद कर दिया है।

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