
एप्पल मैनेजर की मौत पर चश्मदीद का बड़ा बयान, पलटी पूरी कहानी, बताया कल रात क्या हुआ
लखनऊ. राजधानी के गोमतीनगर इलाके में देर रात यूपी पुलिस ने apple i phone Company में सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात विवेक तिवारी को संदिग्ध समझकर गोली मार दी। इस घटना से शहर में हड़कंप मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कल्पना तिवारी ने कहा कि पुलिस को मेरे पति पर गोली चलाने का अधिकार नहीं था, मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करती हूं कि वह आकर मेरी बात सुनें।
कल्पना ने कहा कि 2 बजे मैं अपने पति का इतंजार कर रही थी। मैंने उनके मोबाइल पर लगातार कॉल किया, लेकिन रिंग जाने के बाद फोन नहीं उठा। मुझे लोहिया अस्पताल के एक कर्मचारी ने 3 बजे फोन कर बताया कि आपके पति और महिला के चोट लग गई। उनका उपचार चल रहा है। मैंने कहा कि आप कौन बोल रहे तो उसने बताय कि मैं Lohia hospital का कर्मचारी बोल रहा हूं। पुलिस का फोन क्यों नहीं आया कि एक्सीडेंट हुआ है? जब गाड़ी देखकर आ रही हूं तो गाड़ी पर सामने से गोली मारी गई है। पुलिस ये कह रही हो के वे लड़की के साथ संग्दिध हालत में थे तो तुम पकड़ते कार्रवाई करते, अगर वो गाड़ी नहीं रोक रहे थे तो आरटीओ ऑफिस जाते गाड़ी के नंबर पता करते और पता लेते और गिरफ्तार करके ले जाते। जब तक सीएम नहीं आ जाते हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
रोते हुए कल्पना ने कहा कि मैं पुलिस की ही बात मानती हूं कि वो एक महिला के साथ थे, वो गाड़ी नहीं रोक रहे थे। तो आप गाड़ी का नम्बर नोट करते। आरटीओ ऑफिस से गाड़ी का नम्बर निकलवाते। मेरे पति को घर से गिरफ्तार करते। मेरे पति को गोली क्यों मारी। मैं अपने छोटे-छोटे बच्चों को क्या बताऊंगी कि आपके पापा को क्यों गोली मारी गई थी।
महिला मित्र का बयान
वहीं गाड़ी में उपस्थित विवेक की महिला मित्र (चश्मदीद) ने बयान देते हुए कहा कि अपराधी को दंडित करना चाहिए। सना ने कहा कि पुलिसवाले ने सर (विवेक) के कार के आगे बाइक खड़ी की। फिर तैश में आकर सामने से उन्हें गोली मार दी। आगे मैं अभी कुछ भी कहने की हालत में नहीं हूं।
ये था पूरा मामला
बता दें कि गोमतीनगर थाना इलाके के मखदूमपुर का यहां शुक्रवार की रात दो सिपाही गश्त कर रहे थे। वहीं अंडरपास के निकट एक गाड़ी में विवेक तिवारी अपनी एक महिला मित्र के साथ जा रहे थे। स्थिति संदिग्ध मानकर सिपाही ने कार रोकने का प्रयास किया तो कार सवार ने पुलिस की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। फिर वह वहां से भागने का प्रयास करने लगे, तभी सिपाही प्रशांत चौधरी ने गोली चला दी। मृतक की मित्र ने बताया कि गोली लगने के बाद विवेक घायल हो गए और गाड़ी जाकर पुल के खंभे से टकरा गई। पुलिस ने ही उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान विवेक की मौत हो गई।
Updated on:
29 Sep 2018, 3:05 PM IST
Published on:
29 Sep 2018, 12:44 PM IST
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