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अस्त्र-शस्त्र के हैं शौकीन तो ऐसे करें आवेदन, आसानी से मिल रहा असलहों का लाइसेंस

Arm Licence Process: यदि आप अस्त्र-शस्त्र के शौकीन हैं या फिर सुरक्षा की दृष्टि से कोई रिवॉल्वर या पिस्टल लेना चाहते हैं तो अब आसानी से ले सकते हैं। हाईकोर्ट की बंदिशों के बाद अब आसानी से लाइसेंस प्रक्रिया का आवेदन कर सकते है। फीस भी नाम मात्र की है।
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लखनऊ

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Snigdha Singh

•

Updated: 7 Apr 2022, 5:39 PM IST

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प्रदेश की योगी सरकार महिला सुरक्षा को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं की सुरक्षा के लिए जहां कठोर कानून बनाए गए हैं तो वहीं जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह महिला अपराध के मामले में त्वरित कार्यवाही करें। साथ ही आरोपी को सजा दिलाने के लिए कोर्ट में प्रभावी कार्यवाही की जाए। महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए महिलाओं फार्म लाइसेंस जारी करने के विनियम है। ऐसे में वह महिलाएं जो देर रात को सफर करती हैं या फिर सुनसान इलाके में रहती हैं। वह असलहे के लिए अप्लाई कर आत्मरक्षा के उद्देश्य से असलहा का लाइसेंस प्राप्त कर सकती हैं।

असलहे का लाइसेंस संबंधित जिले के डीएम के द्वारा निर्गत किया जाता है। इसके लिए एक लंबी प्रक्रिया होती है। अगर आप लाइसेंस बनवाना चाहती हैं तो आपको कलेक्ट्रेट से आर्म लाइसेंस के लिए मिलने वाला फॉर्म भर के कलेक्ट्रेट में असलहा बाबू के पास जमा करना होगा। असला बाबू आपकी फॉर्म की बेसिक जानकारियों को चेक कर पुलिस रिपोर्ट के लिए फॉर्म को थाने भेज देगा। थाने पर फॉर्म पहुंचने के बाद इंचार्ज आपके घर पहुंच कर जांच रिपोर्ट लगाएगा। यह जांच रिपोर्ट तभी लग सकेगी, जब आपके ऊपर संबंधित थाने में किसी तरह का कोई मुकदमा ना हो।

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ऐसी लगती है जांच रिपोर्ट

पुलिस द्वारा जांच रिपोर्ट लगाए जाने के बाद यह संबंधित क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर एडिशनल एसपी और फिर एसपी कार्यालय में रिपोर्ट के लिए जाएगा। जहां से रिपोर्ट लगने के बाद इसे फिर से कलेक्ट्रेट भेज दिया जाएगा। कलेक्ट्रेट में पुलिस की जांच लगने के बाद तहसील की जांच के लिए फॉर्म को भेजा जाएगा। इसके बाद आप के निवास स्थान की संबंधित तहसील से जांच रिपोर्ट लगने के बाद फॉर्म फिर से कलेक्ट्रेट आएगा। अब आपका फॉर्म लगभग पूरा हो गया है।

डीएम के फैसले पर बनता है लाइसेंस

जब तक डीएम फैसले की अनुमति नहीं देता तब तक आपका लाइसेंस नहीं बनेगा। जांचे पूरी होने के बाद डीएम आपकी फाइल को चेक करेगा। अपने विवेक के आधार पर यह फैसला लेगा कि आपको लाइसेंस देना है या नहीं। अगर डीएम ने आप को लाइसेंस देने की अनुमति दे दी, तो आप कलेक्ट्रेट में असलहा सेक्शन में जाकर अपना लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्‍तावेज

असलहा लाइसेंस के लिए एड्रेस प्रूफ, आयु प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट, संपत्ति की जानकारी, मेडिकल सर्टिफिकेट, लोन या उधार ले रखा है तो उस बारे में जानकारी, नौकरी या बिजनेस की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा निशानेबाजी जैसे खेलों में शामिल खिलाडि़यों को अपने आवेदन में अपने खेल के बारे में जानकारी देनी होती है। सुरक्षाबलों से सेवानिवृत लोगों को अपने संस्थान से ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (एनओसी) लेना होता है।

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शस्त्र लाइसेंस के लिए फीस

शस्त्र लाइसेंस बनवाने के समय फीस का स्टाम्प शुल्क जिला प्रशासन के पास सबमिट करना पड़ता है। इन तीन तरह के शस्त्र लाइसेंस हेतु फीस निर्धारित की गई है। रिवाल्वर हेतु स्टॉप शुल्क 2 हजार रुपये रखा गया है। 22 बोर की राइफल के लिए 1500 रुपये का शुल्क है। शॉटगन हेतु 1000 और नालमुख भरण गन (एमएल गंन) का आवेदन शुल्क 200 रुपये है।