
जब अटल बिहारी वाजपेयी ने छोड़ी थी पार्टी, राजनीति में हुआ सबसे बड़ा उलटफेर
लखनऊ. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। उन्हें दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में फुल लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। AIIMS की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन में भी अटल जी की हालत नाजुक बताई गई है। 93 साल के अटल बिहारी वाजपेयी लगभग 9 हफ्तों से एम्स में एडमिट हैं। अटल जी को किडनी में इनफेक्शन और कुछ दूसरी परेशानियों चे चलते एडमिट कराया गया था। अटल बिहारी वाजपेयी का हाल जानने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी समेत कई कैबिनेट मंत्री पहुंचे। इनके अलावा सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं का भी लगातार एम्स में आना जारी है। राजनीति जगत के लोगों के साथ ही पूरा देश इस समय अटल जी के स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
अटल जी का राजनीतिक सफर
भारत की राजनीति में बीजेपी को फर्श से अर्श पर पहुंचाने में अटल बिहारी वायपेयी का योगदान काफी अहम रहा। देश के आधे हिस्से में राज करने वाली बीजेपी के लिए अटल जी ने वो कर दिखाया जिसकी शायद ही किसी ने कभी कल्पना की होगी। 1942 में देश के अंदर जब भारत छोड़ो आंदोलन छिड़ा था उस समय अटल बिहारी वाजयेपी राजनीति में आए। 1951 में अटल जी को RSS का सहयोग मिला और उन्होंने भारतीय जनसंघ पार्टी बनाई। भारतीय जनसंघ पार्टी में अटल जी के साथ श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे नेता भी शामिल हुए।
पंडित जी ने की थी भविष्यवाणी
भारतीय जनसंघ पार्टी के निर्माण के बाद 1957 में पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी बलरामपुर संसदीय सीट (तत्कालीन गोंडा जिला) से चुनाव जीतकर सांसद बने। उस समय वाजपेयी को लेकर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि एक दिन वह प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे। 1968 में अटल जी जनसंघ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। उस समय लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेता भी उनके साथ थे। 1975-77 में जब देश में आपातकाल लगा तो अटल जी गिरफ्तार कर लिए।
बीजेपी के गठन में अहम योगदान
जेल से छूटने के बाद वाजयेपी ने राष्ट्रीय जनसंघ का जनता पार्टी में विलय कर लिया। 1977 के लोकसभा चुनाव में जनता पार्टी की सरकार बनी और अटल जी मोरारजी भाई देसाई की सरकार में विदेश मंत्री बने। इसके बाद जनता पार्टी अंतर्कलह का दौर शुरू हो गया और पार्टी बिखर गई। जिसके बाद देश की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर हुआ और 6 अप्रैल 1980 को भारतीय जनता पार्टी का गठन किया गया। बीजेपी के गठन में अटल बिहारी वाजपेयी का अहम योगदान था। अटल जी के साथ जनता पार्टी के उनके पुराने दोस्त भी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। अटल बिहारी बाजपेयी बीजेपी के पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। बीजेपी को अपने पहले लोकसभा चुनाव में केवल दो सीटें ही मिली थीं। लेकिन इसके बाद भी अटल जी ने हार नहीं मानी। उसी का नतीजा है केंद्र की सत्ता के साथ ही भारत के 20 राज्यों में भी आज बीजेपी की सरकार है।
Updated on:
16 Aug 2018 11:27 am
Published on:
16 Aug 2018 11:21 am
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