
जौहर यूनिवर्सिटी मामले पर आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत
मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट पर समाजवादी पार्टी वरिष्ठ नेता आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। विश्वविद्यालय के लिए अधिगृहीत जमीन सरकार को लौटाने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। आजम खां की अर्जी के बाद यूपी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैवियट अर्जी दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने कैवियट अर्जी दाखिल कर यह कहा कि, बिना उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष सुने सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई आदेश जारी न करें। अब इस मामले में अगस्त में सुनवाई होगी। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खान हैं और उनकी पत्नी तंजीम फातिमा सचिव हैं। आजम खान के बेटे व स्वार से विधायक अब्दुल्ला आजम खान इस ट्रस्ट के एक्टिव सदस्य हैं।
मामला जानें
दरअसल, विश्वविद्यालय निर्माण के लिए करीब 471 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की गई थी। जिला प्रशासन ने कहाकि, केवल 12.50 एकड़ जमीन ही ट्रस्ट के अधिकार में रहेगी। सपा नेता आजम खान ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में गुहार की। पर हाईकोर्ट ने पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान गुहार पर निर्णय दिया कि, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट रामपुर द्वारा अधिग्रहीत 12.50 एकड़ जमीन के अतिरिक्त जमीन को राज्य में निहित करने के एडीएम वित्त का आदेश सही था। कोर्ट ने एसडीएम की रिपोर्ट और एडीएम के आदेश की वैधता को चुनौती देने वाली ट्रस्ट की याचिका खारिज कर दी थी। जिसके खिलाफ आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
रामपुर से विधायक हैं आजम खान
आजम खान वर्तमान में रामपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वे यहां से नौवीं बार विधायक चुने गए हैं। इस सीट पर भाजपा के आकाश सक्सेना हराया। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम इस बार स्वार सीट से जीते हैं। आजम खान और उनके बेटे दोनों सपा रालोद गठबंधन के प्रत्याशी थे।
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Updated on:
18 Apr 2022 05:17 pm
Published on:
18 Apr 2022 01:10 pm
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