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आजम खान सदस्य्ता रद्द मामला : Azam की विधायकी पर लटकी तलवार, अब 10 नवंबर को आएगा फैसला

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान की विधानसभा सदस्य्ता रद्द होने के मामले सुप्रीम कोर्ट ने रामपुर उपचुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। SC ने एमपी-एमएलए कोर्ट से आजम की अपील पर विचार करने का आदेश दिया है। अब मामले में फैसला 10 नवंबर को आएगा।

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लखनऊ

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Harsh Pandey

Nov 09, 2022

समाजवादी पार्टी (SP) के दिग्गज नेता आजम खान (Azam Khan) की विधानसभा सदस्य्ता रद्द होने के मामले की सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रामपुर की एमपी-एमलए कोर्ट को आदेश दिया है कि आजम को तीन साल की सजा आरोप साबित होने के आधार पर दी गई है इसलिए इस मामले की सुनवाई गुरूवार को हो।

अब मामले में फैसला 10 नवंबर को आएगा। विधायकी रद्द होने के साथ रामपुर उपचुनाव की घोषणा रद्द करवाने को लेकर उनके वकील पी. चिदंबरम ने आवेदन दिया जिस पर आज सुनवाई हुई।

बहस के दौरान चुनाव आयोग ने कही ये बात

आज सुप्रीम कोर्ट में बहस के दौरान अरविन्द दातार ने चुनाव आयोग की तरफ से कहा कि संवैधानिक कारणों से उपचुनाव आयोजन की प्रक्रिया को टाला नहीं जा सकता है। यदि ऐसा हुआ तो इससे पूरी निर्वाचन प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने पूछा ये सवाल

जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि यदि आरोप साबित हो गया तो अयोग्य करार दिए जाने की कार्यवाही भी रद्द हो सकती है। इस पर दातार ने कहा कि आजम को चुनाव लड़ने दिया जाए लेकिन अगर उसके बाद आरोप साबित हुए तो ?

सुनवाई के दौरान आजम खान के वकील पी. चिदंबरम ने कोर्ट से कहा कि निचली अदालत का फैसला आने के बाद ही रामपुर विधानसभा सीट खाली घोषित कर दी गई। इसके लिए 10 नवंबर को उपचुनाव की तारीख घोषित की गई हालांकि एक विधायक को सजा 11 अक्टूबर को हुई थी लेकिन उसकी विधानसभा सदस्य्ता कल ही रद्द हुई थी।

चुनाव आयोग ने कोर्ट को अवगत कराया कि नामांकन 17 नवंबर से शुरू होंगे। इस बीच आजम खान के पास कोर्ट का रुख करने के लिए काफी समय है। EC ने कहा कि आजम हाई कोर्ट जाकर अपनी सजा पर रोक लगवाने की मांग कर सकते है। इससे उनकी अयोग्यता पर भी रोक लग जाएगी हालांकि आजम के वकील पी.चिदंबरम ने कहा कि इससे रोक नहीं लगेगी और जिसके कारण ये सीट खाली ही रहेगी।

बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार, विधानसभा सचिव और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए मामले में जवाब तलब किया था। चुनाव योग के वकील अरविंद दातार ने कहा कि आयोग ने 2015 में सभी राज्यों को सर्कुलर जारी कर कहा था कि सीट खाली होते ही चुनाव प्रक्रिया को तुरंत शुरू किया जाए।

सुनवाई के दौरान सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि अयोग्यता आरोप साबित होने की वजह से है। एक बार दोष सिद्धि पर रोक लगने के बाद सभी प्रक्रिया रुक जाएगी। उन्होंने कहा कि आपने 5 नवंबर को उपचुनाव का नोटिस जारी किया है। नामांकन प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होगी।

इस पर दातार ने कहा कि यह एक प्रेस विज्ञप्ति है कोई अधिसूचना नहीं। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि इन मामलों का बड़ा प्रभाव होता है इसलिए अगले 3 दिनों के लिए रुकें और दूसरे पक्ष को समय दें।

इस पर अरविन्द दातार ने कहा कि चुनाव आयोग ने कहा कि जैसे ही सजा होती है आपको तुरंत सूचित होगा।इलेक्शन कमीशन की ओर से अरविंद दातार ने कहा कि नामांकन 17 नवंबर से शुरू होंगे।

उन्होंने तर्क दिया कि 27 अक्टूबर को दोषी ठहराए जाने से लेकर 9 नवंबर तक आजम खान के पास पर्याप्त समय था लेकिन उन्होंने इस बीच उन्होंने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर नहीं की है।

इस पर सीजेआई ने पूछा कि क्या हरेक मामले में अगले दिन अयोग्यता करार दे दी जाती है और फिर उपचुनाव की प्रक्रिया में आगे बढ़ा जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने एमपी-एमएलए कोर्ट से आजम खान की अपील पर विचार करने का निर्देश जारी किया। इस साथ ही SC ने चुनाव आयोग को अगला आदेश आने तक रामपुर उपचुनाव की प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया है।

बता दें कि रामपुर कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में आजम खान को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी। अब इस मामले में फैसला 10 नवंबर को आएगा।