13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिले के 2730 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर गोद भराई कार्यक्रम आयोजित

केंद्र खुलने के बाद से, आज आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इसका आयोजन किया गय।

2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Feb 09, 2021

Baby shower program organized at 2730 Anganwadi centers

Baby shower program organized at 2730 Anganwadi centers

लखनऊ, इब्राहिमपुर , मुल्लाही खेड़ा, पूर्वा सहित जिले के सभी 2730 आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मंगलवार को गर्भवती की गोदभराई की गई। इस दौरान किशोरियों व महिलाओं को आयरन की गोली, हरी साग-सब्जी के साथ ही फल के प्रयोग के बारे में केन्द्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विस्तारपूर्वक बताया गया । इसके साथ ही स्वच्छता और संचारी रोगों के बारे में कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी सुधाकर पाण्डेय ने विस्तार से बताया। कार्यकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पहले गोदभराई कार्यक्रम माह की 30 तारीख़ को मनाया जाता था लेकिन अब से यह माह के दूसरे मंगलवार को आयोजित किया जायेगा। कोविड के कारण केंद्र बंद थे इसलिए लाभार्थी के घर पर ही इसका आयोजन किया जाता था लेकिन केंद्र खुलने के बाद से, आज आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इसका आयोजन किया गय।

सरोजिनी नगर ब्लाक के इब्राहिमपुर आंगनबाड़ी केंद्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चांदनी ने बताया कि कोरोना काल के बाद अब गोदभराई आंगनबाड़ी केंद्र पर आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर महिला की गोद भराई करने के साथ ही महिला ,उनकी जिठानी और वहां पर उपस्थित महिलाओं को बताया कि गर्भावस्था के दौरान सलाह के अनुसार आयरन और कैल्शियम की गोलियों का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। हरी सब्जियों बथुआ, पालक, सोया- मेथी , गुड़ , प्रोटीनयुक्त पदार्थ जैसे अंकुरित दालें, चना, मौसमी सब्जियों और फलों का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। दूध या दूध से बने पदार्थों का नियमित रूप से सेवन करना चाहिये। दिन में दो घंटे का नियमित रूप से आराम करना चाहिए।अगर एक साथ खाना नहीं खा पा रही हैं तो थोड़ा-थोड़ा करके खाना खाएं| जो भी स्थानीय खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हों उनका ही सेवन करें। अपने चिकित्सक द्वारा दी गयी सलाह को माने।

सरोजिनी नगर ब्लाक की बाल विकास परियोजना अधिकारी कामिनी श्रीवास्तव ने बताया- जिले में गोदभराई के माध्यम से लोगों को परम्परा और संस्कृति से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे एक स्वस्थ समाज की स्थापना हो सके और मां गर्भ में पल रहे बच्चे का सम्पूर्ण ख्याल रख सके। इसके लिए उन्हें पौष्टिक खाने का सेवन करने पर विशेष ध्यान रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है ।