2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बलिया में घाघरा नदी ने खतरा बिंदु को पार किया, आजमगढ़ के गांवों में घुसा पानी

पूर्वांचल में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर उफान पर है। बलिया में घाघरा ने खतरा बिंदु को पार कर लिया है और उच्चत्तम लेवल की ओर बढ़ रही है। गंगा के जलस्तर में भी पिछले चार दिनों से बढ़ाव जारी है।  

2 min read
Google source verification
बलिया में घाघरा खतरा बिंदु को पार, आजमगढ़ में गांवों में पानी घुसा

बलिया में घाघरा खतरा बिंदु को पार, आजमगढ़ में गांवों में पानी घुसा

पूर्वांचल में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर उफान पर है। बलिया में घाघरा ने खतरा बिंदु को पार कर लिया है और उच्चत्तम लेवल की ओर बढ़ रही है। गंगा के जलस्तर में भी पिछले चार दिनों से बढ़ाव जारी है। प्रमुख दोनों नदियों के बढ़ाव होने के बाद विशेषकर घाघरा वाले क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। घाघरा का पानी मंगलवार को पेटे से निकलकर निचले इलाकों में फ़ैलने लगा है। आजमगढ़ में घाघरा का कहर शुरू हो गया है। गांवों में पानी घुस गया है।

घाघरा का जलस्तर 64.650 मीटर रिकार्ड

बलिया के तुर्तीपार गेज पर मंगलवार सुबह आठ बजे घाघरा का जलस्तर 64.650 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी खतरे के निशान 64.010 मीटर से 64 सेमी ऊपर बह रही है। घाघरा यहां अपने उच्चत्तम जल स्तर 66.00 मीटर से मात्र 1.35 मीटर ही दूर हैए जबकि जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटे से भी अधिक का बढ़ाव बना हुआ है।

यह भी पढ़े - पार्षदों को थूककर पानी पिला रहा था कर्मचारी, जांच के आदेश

गंगा का जल स्तर 54.780 मीटर रिकार्ड

पिछले 16 घंटे मे 20 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। गायाघाट गेज पर सुबह आठ बजे गंगा का जल स्तर 54.780 मीटर रिकार्ड किया गया। नदी में एक सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव बना हुआ है। यहां चेतावनी विन्दु 56.615 मीटर व खतरा बिंदु 57.615 मीटर है। उधर हाई लेवल की ओर बढ़ रही घाघरा के बाढ़ का पानी पेटे से निकलकर तुर्तीपार के दलित बस्ती, मल्लाह बस्ती आदि के निचले इलाकों में फ़ैलने लगा है।

यह भी पढ़े - थानेदार को दिन भर कोर्ट में खड़े रहने की मिली सजा, 80 रुपए का लगाया जुर्माना

घाघरा का जलस्तर खतरा बिंदु से काफी ऊपर

आजमगढ़ में सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल में घाघरा नदी का जलस्तर खतरा बिंदु से काफी ऊपर है। जलस्तर बढ़ने से आस-पास के कई गांवों का संपर्क मार्ग डूब गया है। लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। साथ ही बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।

चलाई जा रही चार नावें - एडीएम वित्त राजस्व

एडीएम वित्त राजस्व आजाद भगत सिंह ने बताया कि, चक्की सहित दो गांव में नदी का पानी घुसा है, वहां पर चार नाव चलाई जा रही। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। परेशान लोगों को राहत शिविरों में जाने को कहा गया है।

Story Loader