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UP Assembly 2023: विधानसभा के बदले नियम, सदन में झण्डा, बैनर और मोबाईल ले जाने पर रोक

UP Assembly 2023: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र में अब विधायक घर, दफ्तर या कार में बैठकर भी वर्चुअली विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे। और साथ ही कोई भी विधायक अपने साथ सदन के भीतर मोबाईल फोन, झंडे, बैनर, प्रतीक या कोई प्रदर्शन करने योग्य वस्तु नहीं ले जा सकेंगे।

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लखनऊ

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Aniket Gupta

Aug 08, 2023

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UP विधानसभा के बदले नियम

UP Assembly 2023: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र में अब विधायक घर, दफ्तर या कार में बैठकर भी वर्चुअली विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे। और साथ ही कोई भी विधायक अपने साथ सदन के भीतर मोबाईल फोन, झंडे, बैनर, प्रतीक या कोई प्रदर्शन करने योग्य वस्तु नहीं ले जा सकेंगे। अब विधायक अध्यक्ष की पीठ के पास स्वयं नहीं जाएंगे। यदि आवश्यक हुआ तो पटल पदाधिकारी को पर्ची भेज सकेंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमावली 2023 में ई-विधान के तहत सदन की कार्यवाही को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन करने का प्रावधान किया गया है। नियमावली का प्रतिवेदन सत्र के पहले दिन पेश किया गया। आज इस नियमावली पर विधायक संशोधन प्रस्ताव दे सकेंगे। इसके बाद कल यानी बुधवार को नियमावली पर सदन में चर्चा कर मंजूरी दिलाने की योजना है। मंजूरी के बाद विधानसभा का शीतकालीन सत्र नई नियमावली के अनुसार संचालित होगा। नई नियमावली के तहत विधायकों के सवालों के जवाब सहित अन्य सूचनाएं संबंधित विभाग से ऑनलाइन ली जा सकेंगी और ऑनलाइन ही विधायकों को दी जाएंगी।

नई नियमावली के तहत ऐसे होंगे प्रावधान

* नई नियम के तहत सदन में विधायक किसी दस्तावेज को फाड़ नहीं सकेंगे। विधायक अध्यक्ष की ओर पीठ करके न तो खड़े हो सकेंगे और न ही बैठ सकेंगे।

* विधानसभा का सत्र अब सात दिन के नोटिस पर आहूत हो सकेगा। वर्तमान में 15 दिन के नोटिस पर यह व्यवस्था है।

* विधायक उच्च प्राधिकार प्राप्त व्यक्तियों के आचरण पर तब तक आरोप नहीं लगा सकेंगे जब तक कि चर्चा उचित रूप से रखे गए मूल प्रस्ताव पर आधारित न हो। सदस्य अपने भाषण के अधिकार का उपयोग सभा के कार्य में बाधा डालने के लिए नहीं कर सकेंगे।

* विधानसभा के प्रश्नों का जवाब नहीं देने या आदेश का उल्लंघन करने पर अधिकारियों, कर्मचारियों या अन्य व्यक्ति की अध्यक्ष भर्त्सना कर सकेंगे या उन पर जुर्माना भी लगा सकेंगे।

* विधायक को अपने प्रश्न सत्र शुरू होने से तीन दिन पहले लिखित या ऑनलाइन विधानसभा के प्रमुख सचिव के समक्ष देना होगा।

* जनता हित से जुड़े विषयों पर सदन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सदस्यों को सदन की कार्यवाही शुरू होने से एक घंटे पहले ऑनलाइन या ऑफलाइन सूचना दो प्रति में विधानसभा के प्रमुख सचिव को देनी होगी।

* ध्यान आकर्षण से संबंधित सूचना शासन की ओर से अधिकतम 30 दिन में संबंधित सदस्य या विधानसभा सचिवालय में पेश करनी होगी।