
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. नए साल 2021 में बेसिक शिक्षा विभाग एनसीईआरटी पाठ्यक्रम को शामिल करने की तैयारी में है। इसके लिए प्रदेश के हर ब्लॉक से 4 अध्यापकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद 25-25 के बेड पर सभी शिक्षकों को ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में 31 मार्च तक शिक्षकों को प्रशिक्षित करना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा विभाग को प्री-प्राइमरी कक्षाओं के लिए 1.60 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी ट्रेनिंग देनी होगी। इस सत्र से कक्षाएं एक में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए संदर्भदाताओं का प्रशिक्षण ऑनलाइन होगा।
इसके लिए शिक्षा संकुल और केआरपी में चयनित शिक्षकों तो ही सेलेक्ट किया जा सकता है। इनकी ट्रेनिंग 10 जनवरी तक पूरी होगी। इसके बाद सभी शिक्षकों की ट्रेनिंग ब्लॉक स्तर पर करवाई जाएगी। इसका मॉड्यूल भी बनाया जा चुका है। सरकारी प्राइमरी स्कूल में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम चरणबद्ध ढंग से लागू किया जा रहा है। गौरतलब है कि 2024- 25 तक कक्षा 1 से 8 में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाएगा। ब्लॉक से 4 शिक्षकों को चयनित किया जा रहा है। इनमें उन शिक्षकों का चयन होगा जिनका अकादमिक गतिविधियों में विशेष योगदान है।
सीएम योगी शिक्षा को लेकर सक्रिय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्य में शिक्षा व्यवस्था को लेकर काफी सक्रिय हैं। सीएम योगी ने कुछ समय पहले बेसिक शिक्षा परिषद के सभी प्राइमरी स्कूलों को लेकर बड़े निर्देश दिए। उन्होंने कायाकल्प करने की समय सीमा तय कर दी है। यूपी सरकार शैक्षिक सत्र 202-22 से परिषदीय स्कूलों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने जा रही है। बता दें कि प्रदेश में 16 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम किया गया। इन स्कूलों में नियुक्त टीचरों को इंग्लिश बोलने की ट्रेनिंग भी शुरू की गई है।
Updated on:
28 Dec 2020 05:00 pm
Published on:
28 Dec 2020 04:49 pm
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