
पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि भैया दूज के दिन बहनें आसन पर चावल के घोल से चौक बनाएं
लखनऊ , पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि सुख शांति एवं समृध्दि की मंगलकामनाओं का यह पर्व हैं , भाई-बहन के पवित्र रिश्तों के साथ उनकी भावनाओं का पावन पर्व हैं "भैया दूज" आज का दिन शनिवार कार्तिक, शुक्ल पक्ष पर किस तरह से बहनें अपने भाई की लम्बी उम्र की कामना करें जाने आगे , कहते हैं पूजा अगर सही समय पर की जाती हैं तो उसका फल अच्छा होता हैं
विधि पूजा की
पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि भैया दूज के दिन बहनें आसन पर चावल के घोल से चौक बनाएं उसके बाद रोली, चांडाल, चावल, घी का दिया, मिष्ठान से थाल सजाएं, फिर कद्दू के फूल, सुपारी, मुद्रा हाथों पर रख कर धीरे-धीरे हाथों पर पानी छोड़ें और भाई के माथे पर तिलक लगाएं साथ ही भाई अपनी प्यारी बहन के लिए कुछ उपहार जो लाये हो वो दे बहन अपने छोटे और बड़े भाई की लम्बी उम्र की कामनां करे इसके बाद बहन भाई के माथे पर तिलक लगाकर कलावा बांधे और भाई के मुंह में मिठाई, मिश्री और माखन लगाएं
पंडित शक्ति मिश्रा ने बताया की क्यों की जाती हैं भैया दूज पर भाई की पूजा
यमराज अपनी बहन यमुना से बहुत प्यार करते थे, लेकिन ज्यादा काम होने के कारण अपनी बहन से मिलने नहीं जा पाते.एक दिन यम अपनी बहन की नाराजगी को दूर करने के लिए मिलने चले गए. यमुना अपने भाई को देख खुश हो गईं. भाई के लिए खाना बनाया और आदर सत्कार किया
बहन का प्यार देखकर यमराज इतने खुश हुए कि उन्होंने यमुना को खूब सारे भेंट दिए. यम जब बहन से मिलने के बाद विदा लेने लगे तो बहन यमुना से कोई भी अपनी इच्छा का वरदान मांगने के लिए कहा. यमुना ने उनके इस आग्रह को सुन कहा कि अगर आप मुझे वर देना ही चाहते हैं तो यही वर दीजिए कि आज के दिन हर साल आप मेरे यहां आए और मेरा आतिथ्य स्वीकार करेंगे. कहा जाता है इसी के बाद हर साल भैया दूज का त्यौहार मनाया जाता है.
भाई को तिलक करते समय पढ़ें यह मन्त्र
गंगा पूजा यमुना को, यमी पूजे यमराज को.
सुभद्रा पूजे कृष्ण को गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई आप बढ़ें फूले फलें
भैया दूज 2017 शुभ मुहूर्त
तिलक मुहूर्त: 1 बजकर 19 मिनट से लेकर 3 बजकर 36 मिनट तक.
: 21 अक्टूबर 2017 को 1 बजकर 37 मिनट से.
: 22 अक्टूबर 2017 को 3 बजे से.
दैनिक राशिफल
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत्।।
मेष
घर के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। शत्रु परास्त होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
वृष
शत्रु भय रहेगा। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। पुराना रोग उभर सकता है। उन्नति होगी। धनलाभ होगा।
मिथुन
भागदौड़ रहेगी। यात्रा सफल व मनोरंजक रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। नवीन कार्य के अवसर प्राप्त होंगे।
कर्क
वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कलह होगी। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। हानि होगी।
सिंह
प्रयास सफल रहेंगे। सुख के साधन जुटेंगे। मान-सम्मान मिलेगा। धनार्जन होगा। पीड़ा संभव है। अपने परिश्रम से लाभ प्राप्त करेंगे।
कन्या
शुभ समाचार प्राप्त होंगे। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। प्रसन्नता रहेगी। धनहानि संभव है। कर्ज, आसान वित्त आदि प्राप्त होंगे।
तुला
कष्ट, भय व पीड़ा का माहौल बन सकता है। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है।
वृश्चिक
बेचैनी रहेगी। पुराना रोग उभर सकता है। व्ययवृद्धि होगी। कुसंगति से बचें। लेन-देन में सावधानी रखें। नए व्यवसाय के लिए लोन लेंगे।
धनु
लेनदारी वसूल होगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश लाभप्रद रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। वाहनादि चलाते समय सावधानी रखें।
मकर
स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धनलाभ होगा। आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
कुंभ
विवेक से कार्य करें। पूजा-पाठ में मन लगेगा। राजकीय बाधा दूर होगी। धनार्जन होगा। जोखिम न लें। जमीन विवाद की आशंका रहेगी।
मीन
चोट, चोरी व विवाद से हानि संभव है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। कुसंगति से बचें। भागदौड़ रहेगी। बनता कार्य बिगड़ जाने से चिंता रहेगी।
Published on:
21 Oct 2017 12:36 pm
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