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सतीश मिश्र का बीजेपी पर बेहद गंभीर आरोप, कहा-बीजेपी ने मेरे दो विधायकों को अगवा कर लिया

बोले- मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने वोट डालने की इजाजत दे दी थी उसके बाद भी नहीं डालने दिया गया वोट।  

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 Satish Mishra

लखनऊ. यपूी से राज्यसभा की दसवीं सीट पर देर रात तक चले घमाशान के बाद बीएसपी उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर की हार हो गई और बीजेपी के अनिल अग्रवाल राज्यसभा पहुंच गए। बीएसपी के हार पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र ने बीजेपी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। बसपा महासचिव मिश्र ने कहा कि भाजपा ने हमारे दो विधायकों को पुलिस के दम पर अगवा कर लिया।

...और मुख्तार अंसार वोट नहीं दे पाए

राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि मऊ से बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी को साजिश के तहत वोट डालने से रोका गया। मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने वोट डालने की अनुमति दे दी थी, लेकिन उनको जेल डालकर वोट नहीं डालने दिया गया। उन्होंने कहा कि हम चुनाव आयोग के कहने पर कोर्ट गए और वहां से मुख्तार अंसारी को वोट डालने की इजाजत भी मिल गई थी। ऐसे में प्रशासन उनको जेल से लाकर वोट डलवाने के लिए बाध्य था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और मुख्तार अंसार वोट नहीं दे पाए।

उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी को वोट डालने से जानबूझकर रोका गया, जिससे भाजपा का नौंवा धन्ना सेठ प्रत्याशी जीत सके और बसपा का दलित प्रत्याशी चुनाव हार जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले के सभी चुनावों में मुख्तार अंसारी को जेल से लाकर वोट डलवाया गया था।

बड़ी चुनौती 10 वीं सीट पर थी
बसपा महासचिव ने भाजपा पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने मेरे दो विधायकों को पुलिस के दम पर अगवा कर लिया। उनसे तो जोर-जबरदस्ती करके वोट लेने का काम किया गया। इतना ही नहीं जो दो विधायक दूसरे दल के थे, उनके साथ भी भाजपा ने जबरदस्ती की और उनसे वोट लिया गया। बतादें की यूपी से राज्यसभा की दस सीटों के लिए शुक्रवार को वोट डाले गए थे, जिसमें कई विधायकों ने क्रास वोटिंग किया था। बसपा विधायक अनिल सिंह ने क्रास वोटिंग करते हुए भाजपा को वोट दिया था। राज्यसभा की सबसे बड़ी चुनौती 10 वीं सीट पर थी। इस सीट के लिए बीएसपी ने पार्टी की ओर से पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को अपना प्रत्याशी बनाया था तो वहीं भाजपा ने अनिल अग्रवाल को अपना प्रत्याशी बनाया था। इस सीट पर कांटे की टक्कर थी। लेकिन भाजपा ने इस पर जीत दर्ज कर और उसके प्रत्याशी अनिल अग्रवाल राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे।