राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने स्पष्ट किया कि तकनीकी समस्याएं, असफल लेन-देन की घटनाएं, और सूचना का समय पर न मिल पाना, यह सभी बातें सरकार की विशेष निगरानी में हैं।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों की छात्रवृत्ति संबंधी परेशानियों को खत्म करने और पूरी प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार जल्द ही एक मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करेगी, जो छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन पंजीकरण, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने और शिकायतें दर्ज करने की सुविधा देगा।
इस मोबाइल ऐप के माध्यम से प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक (कक्षा 10 के बाद) छात्रों को छात्रवृत्ति आवेदन की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ मिलेगी। छात्र केवल एक बार वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) कर सकेंगे, जिससे हर वर्ष दोबारा पंजीकरण करने की आवश्यकता नहीं होगी।
राज्य सरकार छात्रवृत्ति के फॉर्म भरने की समयसीमा को समाप्त कर रही है, जिससे छात्र बिना किसी दबाव के पूरे वर्ष आवेदन कर सकेंगे।
छात्रवृत्ति से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सूचनाएं अब छात्रों तक सीधे व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से पहुंचेंगी। इस कदम से वे छात्र जो समय पर सूचना न मिलने के कारण वंचित रह जाते थे, अब अपडेटेड और तैयार रहेंगे। छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति अब हर साल 2 अक्टूबर से शुरू कर दी जाएगी, जो पहले दिसंबर में होती थी।
सरकार ने तीन प्रमुख विभागों – समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण के समन्वय से एक चार सदस्यीय टीम गठित करने का निर्णय लिया है, जो योजनाओं में एकरूपता लाएगी।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का विचार भी प्रस्तावित है, जिससे फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। इस पर तीनों विभागों के निदेशक एक संचालन समिति बनाकर काम करेंगे।
राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने स्पष्ट किया कि तकनीकी समस्याएं, असफल लेन-देन की घटनाएं, और सूचना का समय पर न मिल पाना, यह सभी बातें सरकार की विशेष निगरानी में हैं। अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों को आवेदन, मंजूरी और वितरण की पूरी प्रक्रिया निर्बाध और पारदर्शी लगे।