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इस धनतेरस अगर आप ज्‍वैलरी खरीदने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है

- केंद्र सरकार के इस बड़े फैसले के बाद सोने के खरीदारों को मिलेगी बड़ी सहूलियत, असली बताकर नकली आभूषण नहीं बेच पाएंगे सराफा कारोबारी- केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान सोने के आभूषणों की बिक्री के अनिवार्य की बीआइएस हॉलमार्किंग

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Oct 05, 2019

Gold jewellery

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान सोने के आभूषणों की बिक्री के अनिवार्य की बीआइएस हॉलमार्किंग

लखनऊ. दीपावली से पहले देश-प्रदेश के लाखों स्वर्ण विक्रेताओं को जोरदार झटका लगा है। सोने के आभूषणों को बिक्री के लिए सरकार ने बीआइएस हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। मतलब जल्द ही बिना हॉलमार्क के गहने बिकने बंद जाएंगे। फिलहाल, गोल्ड हॉलमार्किंग स्वैच्छिक है। गौरतलब है अक्टूबर के महीने में लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में सोने की जमकर खरीदारी होती है। खासकर धनतेरस और दीपावली पर सर्राफा बाजार में बड़ी उछाल देखने को मिलती है। लखनऊ बालागंज निवासी अवधेश सिंह कहते हैं कि केंद्र सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग होने से उपभोक्ताओं फायदा मिलेगा। अब कोई दुकानदार असली के दामों में उन्हें नकली सोना नहीं दे पाएगा।

शुक्रवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने सोने के आभूषणों की बिक्री के लिए बीआइएस हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। जल्द ही इसे विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को सूचित किया जाएगा, जिसके बाद ही इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में करीब 800 हॉलमार्किंग सेंटर हैं। केवल 40 फीसदी गोल्ड ज्वैलरी ही हॉलमार्क्‍ड है। आमतौर पर दिवाली के दौरान सोने के आभूषणों की डिमांड बहुत अधिक बढ़ जाती है।

सराफा कारोबारियों की अलग-अलग राय
केंद्र सरकार के इस फैसले पर लखनऊ के सराफा कारोबारियों की अलग-अलग राय है। कुछ का मानना है कि इससे दुकानदारी पर थोड़ा-बहुत फर्क जरूर पड़ेगा, वहीं ज्यादातर ने कहा कि वह पहले से हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की बिक्री कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें खास फर्क नहीं पड़ेगा। लखनऊ के चौक स्थित एक सराफा दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह पहले से हॉलमार्किंग वाले आभूषण बेचते हैं, लेकिन कुछ कस्टमर ऐसे हैं जो थोड़े कम पैसे में गहने खरीदना चाहते हैं तो उन्हें बिना हॉलमार्क के आभूषण दिये जाते हैं।

क्या है बीआइएस हॉलमार्किंग?
बीआइएस हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता का प्रमाण है। इस सिस्टम के जरिये यह प्रमाणित होता है गहना भारतीय मानक ब्यूरो के स्टैंडर्ड पर खरा उतरता है। इसलिए, सोने खरीदने से पहले सुनिश्चित करें कि उसमें बीआइएस हॉलमार्क है।

ऐसे चेक करें असली हॉलमार्क
अगर आप सोने के आभूषण खरीद रहे हैं तो पेमेंट करने से पहले तसल्ली कर लें कि हॉलमार्क असली है या नकली। असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान होता है और उस पर हॉलमार्किंग सेंटर के लोगो के साथ सोने की शुद्धता (कैरेट) भी लिखी होती है। इसके अलावा, उसमें जूलरी तैयार करने का साल और उत्पादक का लोगो भी अंकित होता है।