1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकराना अखिलेश यादव की बड़ी मज़बूरी: नंद गोपाल

औद्योगिक विकास मंत्री बोले 'समाजवादी पार्टी हिन्दू विरोध और तुष्टिकरण की बुनियाद पर खड़ी है।

less than 1 minute read
Google source verification

लखनऊ

image

Ritesh Singh

Jan 11, 2024

 सनातन विरोध का डीएनए विरासत में मिला : नंदी

सनातन विरोध का डीएनए विरासत में मिला : नंदी

अयोध्या में 22 जनवरी को होने जा रहे रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण ठुकराने पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नन्दी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया।

अखिलेश ने मज़बूरी में ठुकराया निमंत्रण

उन्होंने कहा कि 500 वर्षों की कठिन तपस्या एवं कड़े संघर्षों के बाद श्री अयोध्या धाम में बन रहे भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जहां करोड़ों सनातनियों में जबरदस्त उत्साह है, वहीं अखिलेश यादव ने निमंत्रण ठुकराकर यह साबित कर दिया कि सपा न केवल हिन्दू विरोधी है, बल्कि तुष्टीकरण की राजनीति भी करती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश ने अपनी इच्छा से नहीं बल्कि मजबूरी में निमंत्रण ठुकराया है।

सनातन विरोध का डीएनए विरासत में मिला : नंदी

मंत्री नन्दी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि समाजवादी पार्टी हिन्दू विरोध और तुष्टिकरण की बुनियाद पर खड़ी है। अखिलेश पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके पुरखों से आपको कुर्सी के साथ सनातन विरोध का डीएनए भी विरासत में मिला है।

पवित्र समारोह होगा दूषित

वैसे भी जिसका दामन निर्दोष और निरपराध राम भक्तों के खून से सना हुआ है, जिसने सरेआम मजहब के नाम पर दंगाइयों को संरक्षण दिया हो, जिसने जाति और धर्म के आधार पर प्रदेशवासियों में फर्क किया हो, उसके आने से प्राण प्रतिष्ठा का पवित्र समारोह दूषित ही होता है।

Story Loader