
लखनऊ. बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती के कर्नाटक चुनावों में दौरे को राजनैतिक पर्यटन बताया है। उन्होंने कहा है कि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का मुख्य आधार व उत्पत्ति उत्तर प्रदेश रहा है और उत्तर प्रदेश में इनकी दशा खस्ताहाल है। सपा-बसपा अपनी स्थापना काल के बाद से अब तक के सबसे बुरे काल से गुजर रही हैं। बसपा के संस्थापक सदस्य बसपा छोड़ चुके है। बसपा अपना राष्ट्रीय दल का दर्जा बचाए रखने की चुनौती से जूझ रही है।
बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी के मुताबिक, कर्नाटक दौरा मन बहलाने जैसा है। सपा, बसपा का कर्नाटक में न कोई जनाधार है और न ही पार्टी का संगठन। जातीय राजनीति करने वाले सपा-बसपा के लिए कर्नाटक मेें कोई आधार नहीं है। राकेश त्रिपाठी ने कहा कि जब से अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटाकर कमान अपने हाथों में ली है तबसे समाजवादी पार्टी लगातार कमजोर हुई है। समाजवादी पार्टी क्षेत्रीय दल है और कर्नाटक में समाजवादी पार्टी का ना ही सांगठनिक आधार है और न ही जातीय राजनीति की गणित का समीकरण है, ऐसे में अखिलेश यादव का कर्नाटक दौरा गुजरात दौरे की तरह ही फ्लॉप शो साबित होगा। उत्तर प्रदेश में ‘हाथ’ का साथ पसन्द कर ‘हाथी’ की सवारी कर चुके अखिलेश यादव पॉलिटिकल टूरिज्म करने कर्नाटक जा रहे है। अखिलेश यादव कर्नाटक में हाथ और हाथी से कोई समझौता नहीं कर पा रहे है।
'योगी की ज्यादा डिमांड'
राकेश त्रिपाठी ने कहा कि कर्नाटक की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने और सुनने का आकर्षण है। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी जी की कार्यशैली से देशभर की जनता प्रभावित हुई है, यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों के चुनाव प्रचार में सीएम योगी आदित्याथ की डिमांड बढ़ी है।
Updated on:
27 Apr 2018 06:08 pm
Published on:
27 Apr 2018 08:04 pm
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