
UP STF ने 9 लाख रुपए की लूट के आरोपी को गिरफ्तार किया (Source: Police Media Cell)
UP STF Action: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने प्रदेशभर में चलाए जा रहे इनामी अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ ने ₹50 हजार के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर अपराधी बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीन उल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2014 में फतेहपुर जिले के थाना औंग क्षेत्र में हुई करीब नौ लाख रुपये की लूट के मामले में वांछित था और पिछले कई वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को प्रदेश में संगठित अपराध और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। आरोपी को गिरफ्तार कर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उससे पूछताछ के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, 30 जून 2026 को देर रात करीब 12:35 बजे फतेहपुर रेलवे स्टेशन के निकट से आरोपी को गिरफ्तार किया गया। टीम को विश्वसनीय मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि वर्षों से फरार चल रहा इनामी अपराधी किसी काम से फतेहपुर आने वाला है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने तत्काल रणनीति तैयार की और रेलवे स्टेशन के आसपास घेराबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध व्यक्ति मौके पर पहुंचा, टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पूछताछ और पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसकी पुष्टि ₹50 हजार के इनामी अपराधी बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, 22 दिसंबर 2014 को थाना औंग क्षेत्र में स्थित अंजना होटल के सामने एक बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोपी ने अपने चार साथियों के साथ मिलकर एक राहगीर से लगभग नौ लाख रुपये लूट लिए थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी।
जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई, लेकिन मुख्य आरोपी बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला लगातार पुलिस की पकड़ से दूर रहा। उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए और बाद में उस पर ₹50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। उसने बताया कि लूट की घटना के बाद वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। वह उत्तर प्रदेश छोड़कर महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा और कर्नाटक जैसे राज्यों में जाकर छिप गया था।
इन राज्यों में उसने अपनी पहचान छिपाकर मजदूरी का काम किया और लंबे समय तक पुलिस की नजरों से दूर रहा। आरोपी ने यह भी बताया कि वह बीच-बीच में गुप्त रूप से अपने परिवार से मिलने उत्तर प्रदेश आता था, लेकिन हर बार बेहद सावधानी बरतता था ताकि पुलिस को उसकी भनक न लग सके।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला का आपराधिक इतिहास काफी पुराना है। उसके खिलाफ फतेहपुर में लूट के मुकदमे के अलावा अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरारी के दौरान उसने किसी अन्य राज्य में भी कोई अपराध किया है या नहीं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों की गुत्थियां सुलझने की संभावना है। साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले अन्य अपराधियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।
उत्तर प्रदेश एसटीएफ पिछले कुछ समय से प्रदेशभर में इनामी और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत विभिन्न जिलों में सक्रिय अपराधियों की निगरानी की जा रही है और उनके ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए आधुनिक तकनीक, मुखबिर तंत्र और स्थानीय पुलिस के सहयोग से लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी को स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया है। अब थाना औंग पुलिस और संबंधित एजेंसियां आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि फरारी के दौरान उसकी मदद किसने की और वह किन-किन लोगों के संपर्क में रहा। इसके अलावा पुलिस आरोपी के आर्थिक स्रोतों, उसके सहयोगियों और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
₹50 हजार के इनामी हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी को प्रदेश पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अपराध करके लंबे समय तक कानून से बच पाना संभव नहीं है। चाहे अपराधी कितने भी वर्षों तक फरार रहे, पुलिस और जांच एजेंसियां अंततः उसे कानून के शिकंजे में ले ही आती हैं।
फिलहाल, बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीन उल्ला की गिरफ्तारी से फतेहपुर पुलिस और एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। इस कार्रवाई से न केवल एक पुराने और चर्चित लूट कांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी हुई है, बल्कि प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान को भी नई मजबूती मिली है। आने वाले दिनों में आरोपी से पूछताछ के दौरान कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Published on:
30 Jun 2026 02:38 pm
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