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2019 से पहले बीजेपी का नया सियासी दांव, यूपी में जिलेवार नियुक्त होंगे ‘तीन तलाक प्रमुख’

तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के लिए मोदी सरकार एक अध्यादेश को मंजूरी दे चुकी है, संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा।
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Nov 05, 2018

teen talaq pramukh

2019 से पहले बीजेपी का नया सियासी दांव, यूपी में जिलेवार होंगे 'तीन तलाक प्रमुख'

लखनऊ. उत्तर प्रदेश भाजपा का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ अब 'तीन तलाक प्रमुखों' के जरिये तलाक-ए-बिद्दत की शिकार महिलाओं के जीवन में बदलाव लाएगा। अभी तक दो 'तीन तलाक प्रमुख' नियुक्त किये जा चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के सभी 93 सांगठनिक जिलों और छह क्षेत्रीय इकाइयों में तलाक प्रमुखों की नियुक्ति की जाएगी। यह संख्या 100 तक हो सकती है। दीपावली के बाद से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ तेजी से इस योजना पर काम शुरू कर सकता है। नियुक्त किए गये प्रमुख प्रदेश भर में तीन तलाक पीड़िताओं से बात करेंगे और उनकी बेहतरी के लिए सुझाव मांगेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा ने जिन दो 'तीन तलाक प्रमुखों' की नियुक्ति की है, उनमें यूपी बीजेपी अल्‍पसंख्‍यक प्रकोष्‍ठ की सचिव नाजिया आलम और शाहनाज खान शामिल हैं। प्रकोष्‍ठ की सचिव डॉ. नाजिया आलम ने बताया कि जिलेवार तीन तलाक प्रमुख की तैनाती की जाएगी। यह पद उन महिलाओं को दिया जाएगा जो शिक्षित हैं और शरीयत व कानून की ठोस जानकारी रखती हैं। इतना ही नहीं, उनमें तीन तलाक से पीड़ित महिलाओं को जीवन में सामाजिक बदलाव लाने का माद्दा भी होगा।

दिवाली के बाद जिन प्रमुखों की नियुक्ति होगी, वह पीड़िताओं से मिलेंगे। डॉ. नाजिया का कहना है कि सूबे की कितनी महिलाएं तीन तलाक से पीड़ित हैं, कोई अधिकारिक जानकारी है। इसके लिए प्रकोष्‍ठ जिलेवार तीन तलाक की शिकार हुईं महिलाओं की वास्‍तविक संख्‍या जानने के लिए एक सर्वे कराएगा। तीन तलाक प्रमुख का काम पीड़ित महिलाओं को चिन्हित करना और उनसे बात करना होगा।

सबसे पहले मुस्लिम बहुल क्षेत्रों पर नजर
नाजिया आलम ने बताया कि पहले चरण में यूपी के रामपुर, बरेली, सहारनपुर, अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जैसे मुस्लिम बहुल क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि तीन तलाक प्रमुख नियुक्त करने का मकसद राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक है।

इनका होगा सम्मान
यूपी भाजपा का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाओं को सम्मानित भी करेगा। प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैदर अब्बास चांद ने कहा कि जिन महिलाओं ने बहादुरी से तीन तलाक के खिलाफ लड़ा है, पार्टी द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

कुरान का हिंदी अनुवाद भी बांटेंगे
उत्तर प्रदेश भाजपा का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ तीन तलाक प्रमुखों के जरिए मुस्लिम परिवारों में कुरान का हिंदी अनुवाद भी बाटेंगे। नाजिया आलम ने कहा कि हिंदी सभी को आती है, जिसे आसानी से सभी समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि कुरान में तीन तलाक पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस अभियान से कट्टरपंथी धर्मगुरुओं की पोल सबके सामने खुल जाएगी।

बीजेपी के घोषणा पत्र में था तीन तलाक
केंद्र में सरकार बनने के बाद से ही बीजेपी तीन तलाक को गैर-कानूनी बताते हुए इसका विरोध करती रही है। तीन तलाक के मुद्दे को बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया था। भाजपा का दावा है कि वह तमाम मुस्लिम महिलाएं भाजपा के साथ हैं, जो तीन तलाक का विरोध करती हैं। तीन तलाक को दंडनीय अपराध बनाने के लिए मोदी सरकार एक अध्यादेश को मंजूरी दे चुकी है। संसद के आगामी शीतकाली सत्र में इस बिल को पेश किया जाएगा।

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