26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अरमान के सहारे जीत का ‘अरमान’ लिए बैठी बसपा, इस विधानसभा में कभी नहीं जीती चुनाव

विधानसभा में मुस्लिम वोटर्स अधिक होने के चलते मायावती को विश्वास है कि इस बार बसपा की सीट यहाँ से निकल सकती है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Rohit Singh

•

Updated: 14 Jan 2017, 1:30 PM IST

lucknow west vidhansabha seat

lucknow west vidhansabha seat

लखनऊ। लखनऊ पश्चिमी विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी कभी चुनाव नहीं जीती। वर्तमान में समाजवादी पार्टी के मोहम्मद रेहान यहाँ से विधायक हैं। वही मायावती ने इस बार अरमान खान को यहाँ से टिकट दिया है। इस विधानसभा में मुस्लिम वोटर्स अधिक होने के चलते मायावती को विश्वास है कि इस बार बसपा की सीट यहाँ से निकल सकती है।

पिछले दो विधानसभा चुनावों की बात करें तो बीएसपी यहाँ सेकंड रनर अप भी नहीं रही है। साल 2012 में
सपा के मोहम्मद रेहान 49,912 वोट पाकर विजयी हुए वही सेकण्ड रनर अप बीजेपी के सुरेश कुमार श्रीवास्तव को 42,100 वोट मिले थे। वही साल 2009 में कांग्रेस के एसके शुक्ला 32166 वोट पाकर चुनाव जीते थे और बीजेपी के अमित शुक्ला 29990 वोट पाकर सेकेण्ड रनर अप रहे।

मुख्य इलाके-
चौक, बालागंज, चौपटिया, आलमनगर, पारा, सादतगंज आदि
कुल वोटर्स- लगभग 3.5 लाख
विधायक-(2012-अभी तक) - मोहम्मद रेहान (समाजवादी पार्टी)
प्रमुख नेता--मोहम्मद रेहान(सपा)
-एसके शुक्ला(कांग्रेस)
-सुरेश कुमार श्रीवास्तव (बीजेपी)
-सइद हुसैन (बीएसपी)

साल जीतने वाला प्रत्याशी पार्टी

2007 लाल जी टंडन भारतीय जनता पार्टी
2002 लाल जी टंडन भारतीय जनता पार्टी
1996 लाल जी टंडन भारतीय जनता पार्टी
1993 राम कुमार शुक्ला भारतीय जनता पार्टी
1991 राम कुमार शुक्ला भारतीय जनता पार्टी
1989 राम कुमार शुक्ला भारतीय जनता पार्टी
1985 जफर अली नकवी कांग्रेस
1980 कन्हैया लाल महेंद्रू कांग्रेस
1977 डीपी बोरा जनता पार्टी
1974 मोहम्मद शकील अहमद कांग्रेस
1969 डीपी बोरा भारतीय क्रांति दल
1967 एस शर्मा भारतीय जनसंघ

प्रमुख समस्याएं
जाम- इस विधानसभा के ज्यादातर इलाके पुराने लखनऊ में आते हैं। दोपहर में इन इलाकों में जाम की समस्या अब आम हो गई है। नेताओं द्वारा जाम की समस्या सुलझाने के वादे अभी तक अधूरे ही हैं।
बिजली- गर्मी के महीने में बिजली कटौती इस इलाके की प्रमुख समस्या है। खासतौर से सादतगंज और बालागंज में यह समस्या अधिक है।
जलभराव- बारिश के मौसम में जल भराव की समस्या से भी रूबरू होना पड़ता है। यहां के निवासी मृतुन्जय सिंह ने बताया कि कॉलोनियों में छोटी- छोटी नालियां बनी है । कई बार नगर निगम में शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई हल नहीं निकला है।
शिक्षा - इन इलाकों में स्कूल तो काफी हैं लेकिन अधिकतर कॉन्वेंट स्कूल वहां से काफी दूर हैं। इसके अलावा वहां बड़े कॉलेजों की भी कमी है।
जातीय समीकरण-
इस क्षेत्र में अल्पसंख्यकों की संख्या काफी अधिक है। इसके अलाव ब्राहम्ण और यादव का वोट प्रतिशत भी काफी अधिक माना जाता है।

बड़ी खबरें

View All

ट्रेंडिंग