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सरकार ने बनाई IAS रिटायरमेंट की नई पॉलिसी, 5 सीनियर आईएएस की लिस्ट तैयार

उत्तर प्रदेश सरकार की ब्यूरोक्रेसी और अधिकारियों के ऊपर लगातार जनता से दूरी बनाने का आरोप लगता रहा है। जनता से जुड़े मुख्य मुद्दों से जिस तरह के अधिकारियों ने योगी की पहली सरकार में किनारा किया था, उससे इस बार सबक लेते हुए बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिसमें काम नहीं करने वाले, लटकाने वाले या टालने वाले अधिकारियों को लेकर सरकार ने रिटायरमेंट की नई पॉलिसी बनाई है।

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CM Yogi Adityanath File Photo

CM Yogi Adityanath File Photo

योगी सरकार के पहले कार्यकाल शुरू किया गया 'जबरन रिटायरमेंट' अब ब्यूरोक्रेसी पर भी देखने को मिल सकता है। वहीं, ट्रांसफर में भी ब्यूरोक्रेसी को एक बड़ा झटका लगेगा क्योंकि माना जाता है कि ब्यूरोक्रेसी उत्तर प्रदेश सरकार पर हमेशा से हावी रहती है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने जा रहा है क्योंकि आईएएस, आईपीएस, पीसीएस जैसे अधिकारियों की लॉबी को तोड़ने का मन बाबा ने बना लिया है।

जिले से लेकर राज्य मुख्यालय तक तैयार हो रही लिस्ट

उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में बड़े बदलाव हो सकते हैं। जिला स्तर से शासन में उच्च स्तर पर बड़े बदलाव किए जा सकते हैं। जिलों और मंडलों में वर्षों से जमे अफसरों को इधर-उधर ट्रांसफर किया जा सकता है। पांच सीनियर आईएएस अफसरों का तबादला होने जा रहा है, जिसके बाद राज्य सरकार खाली पदों में नियुक्ति करेगी।

यह अफसर हो रहे रिटायर

रिटायर हो रहे हैं अफसरों में राज्य के कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल, नई दिल्ली में तैनात राज्य आयुक्त प्रभात सारंगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण एमबीएस रामा रेड्डी और सचिव उच्च शिक्षा शमीम अहमद खान शामिल हैं। बता दें कि आलोक सिन्हा के पास अपर मुख्य सचिव ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा संसाधन विभाग का प्रभार था। ऐसे में राज्य में मौजूदा बिजली संकट को देखते हुए राज्य सरकार किसी सीनियर को पद पर नियुक्ति दे सकती है। इसी तरह राजस्व परिषद के अध्यक्ष के पद पर भी किसी सीनियर अफसर की नियुक्ति की जाएगी।

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बदले जाएंगे डीएम भी

इसके अलावा योगी सरकार जिलों के डीएम को भी बदलने की तैयारी में है। राज्य में कई जिलाधिकारियों का सचिव स्तर पर प्रमोशन हो गया है। वह या तो शासन में सचिव हो सकते हैं या फिर किसी मंडल में आयुक्त। जिलों में सरकार ने डीएम को नियुक्त कर आइएएस अफसरों को शासन या मंडल में नियुक्ति कर सकती है।

4 डीएम का प्रमोशन

प्रदेश में चार डीएम का प्रमोशन हुआ है। वाराणसी, लखनऊ, अलीगढ़ और इटावा के जिलाधिकारी अवसर पर प्रमोद किए गए हैं। यह अधिकारी शासन स्तर पर सचिव एवं मंडल आयुक्त के पद पर तैनात किए जा सकते हैं। जल्द ही राज्य सरकार इन नियुक्ति का आदेश जारी कर देगी। फिलहाल, सबकी नजर वाराणसी और लखनऊ के डीएम पदों पर है क्योंकि दोनों ही जिलों में तैनात पर सरकार की गुड बुक्स में शुमार है। माना जा रहा है कि अधिकारियों को राज्य सरकार आयुक्त के पद पर नियुक्त कर प्रमोट कर सकती है।