
UPSI परीक्षा के विवादित प्रश्न पर सियासी हलचल तेज, भाजपा नेताओं ने की निष्पक्ष जांच की मांग (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
UPSI Exam Controversy: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री Dinesh Sharma ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रश्न के वैकल्पिक उत्तरों पर असहमति जताई है। वहीं भाजपा विधायक Shalabh Mani Tripathi ने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद Uttar Pradesh Police Sub-Inspector Recruitment Exam के प्रश्न पत्र में शामिल एक प्रश्न को लेकर सामने आया है, जिसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की एसआई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पूछे गए बीसवें प्रश्न के अंतर्गत दिए गए एक वैकल्पिक उत्तर से वह व्यक्तिगत रूप से असहमत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी के भी कृत्य से समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचती है तो उस पर उचित कार्रवाई होना आवश्यक है। दिनेश शर्मा ने अपने बयान में कहा कि पिछले दिनों भी उत्तर प्रदेश सरकार ने एक फिल्म के आपत्तिजनक नाम को लेकर तत्काल कार्रवाई की थी। उसी प्रकार इस मामले में भी सरकार संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेगी।
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा सभी समाजों, सभी परंपराओं और सभी वर्गों के सम्मान की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि समाज की गरिमा और सम्मान को बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा सनातन संस्कृति की मूल भावना को आगे बढ़ाने वाली पार्टी है। सनातन संस्कृति की परंपरा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने और सभी का सम्मान सुनिश्चित करने की रही है। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य हमेशा सामाजिक सौहार्द बनाए रखना और सभी समुदायों के सम्मान की रक्षा करना है।
दूसरी ओर देवरिया सदर से भाजपा विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत पत्र लिखकर इस मामले में अपनी चिंता व्यक्त की है। अपने पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता लगातार मजबूत हुई है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में आयोजित पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र में शामिल एक प्रश्न के विकल्पों को लेकर समाज में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा कि संबंधित प्रश्न की भाषा, आशय और प्रस्तुति को देखने पर यह प्रतीत होता है कि वह समाज के सम्मानित और प्रबुद्ध वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि इस प्रश्न को लेकर समाज में व्यापक असंतोष और नाराजगी है। कई लोगों का मानना है कि इस प्रकार का प्रश्न सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकता है। त्रिपाठी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल सामान्य त्रुटि नहीं लगता, बल्कि यह सुनियोजित साजिश या पूर्वाग्रह पूर्ण सोच का परिणाम प्रतीत होता है।
पत्र में यह भी कहा गया कि हाल के दिनों में कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं जिनसे यह धारणा बन रही है कि एक वर्ग विशेष को लक्षित कर विवादास्पद विषय प्रस्तुत किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक समरसता के लिए उचित नहीं हैं और इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा हो सकता है। विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए।
विधायक ने अपने पत्र में यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की भर्ती परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। इसलिए इन परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या पूर्वाग्रह सामने आता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि अभ्यर्थियों और समाज का भरोसा कायम रह सके।
Published on:
15 Mar 2026 09:56 am
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