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Bus Strike:दिवाली से पहले बसों के पहिये थमेंगे, उठानी पड़ सकती है परेशानी

Bus Strike:त्योहारी सीजन में दिवाली से ठीक पहले रोडवेज बसों की हड़ताल के ऐलान से लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। बसों का संचालन थमने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है। हालांकि सरकार के स्तर पर हड़ताल के ऐलान को खत्म करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

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लखनऊ

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Naveen Bhatt

Oct 20, 2024

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दिवाली से पहले बसों की हड़ताल से लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है

Bus Strike:दिवाली से पहले रोडवेज बसों का संचालन ठप होने की संभावना नजर आ रही है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के कार्य बहिष्कार के कारण उत्तराखंड में दो दिन रोडवेज बसों का संचालन ठप हो सकता है। कर्मचारियों ने 22 अक्तूबर आधी रात से 48 घंटे के लिए कार्य बहिष्कार पर जाने की तैयारी कर दी है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने संविदा, विशेष श्रेणी कर्मचारियों के नियमितीकरण और रोडवेज को बचाने के लिए प्रबंधन को कार्य बहिष्कार का नोटिस थमाया है। यदि रोडवेज की हड़ताल शुरू हो गई तो इससे राज्य में लोगों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। विभिन्न प्रदेशों से दिवाली मनाने घर आने की तैयारी में जुटे प्रवासियों को भी तमाम परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। साथ ही राज्य के भीतर यातायात सेवा का संकट मंडरा सकता है। वहीं दूसरी ओर रोडवेज के महाप्रबंधक सीपी कपूर का कहना है कि रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने कार्य बहिष्कार का नोटिस दिया है। उच्चाधिकारियों से बातचीत कर इसका समाधान तलाशा जाएगा।

22 अक्तूबर से हड़ताल का ऐलान

हड़ताल के ऐलान वाले मोर्चा से रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद को छोड़कर बाकी सभी कर्मचारी यूनियन जुड़ी हैं। यूनियनों के ड्राइवर-कंडक्टरों के कार्य बहिष्कार पर रहने से बसों का संचालन 80 फीसदी तक ठप हो सकता है। मोर्चा के संयोजक अशोक चौधरी का कहना है कि कार्य बहिष्कार की तैयारी कर दी है। मंडल स्तर पर बैठकें हो चुकी हैं। कर्मचारी 22 अक्तूबर की आधी रात से अगले 48 घंटे तक हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने बताया कि यूनियन से जुड़े सभी सदस्य हड़ताल पर अडिग हो चुके हैं। उनकी मांगें पूरी होने के बाद ही हड़ताल का फैसला वापस लिया जाएगा।

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रोडवेज सबसे सशक्त साधन

उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति काफी विषम है। यहां के पर्वतीय क्षेत्रों में रेलवे सेवा नहीं है। साथ ही यातायात के अन्य साधनों की भी भारी कमी रहती है। अधिकांश लोग राडवेज बसों से ही सफर करते हैं। राज्य के हजारों लोग हर दिन रोडवेज पर सफर करते हैं। अधिकांश सड़कों पर दिन भर रोडवेज का संचालन होता है। रोडवेज बसों की हड़ताल से लोगों को परेशानियां उठानी पड़ सकती हैं। हड़ताल के कारण टैक्सी सेवा के लिए मारामारी हो सकती है। हड़ताल का ऐलान होते ही लोग परेशान हो हो उठे हैं।