
Buxar Administration blames UP On finding corpse at Ganga Ghat
लखनऊ. कोरोना संकट (Corona Sankat) के बीच बिहार के बक्सर जिले के गंगा घाट (Ganga Ghat) पर भारी मात्रा में लाशें पाई गई। इस मामले में बक्सर जिले के प्रशासन ने बहाना बनाते हुए कहा कि यह लाशें उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की है। जो यूपी से बहकर यहां पहुंच गई है। जब सुबह इस लोगों ने देखा तो वह कुछ समय के लिए हैरान रह गए कि आखिरकार इस घाट पर इतनी ज्यादा मात्रा में लाशें कैसे आ गई। जब इसकी जानकारी जिला प्रशासन को लगी और प्रशासन पर सावल खड़े होने लगे तो प्रशासन ने उत्तर प्रदेश को दोष देते हुए अपना पल्ला झाड़ते हुए यूपी को दोषी ठहराया है।
इस मामले में बक्सर के चौसा के बीडीओ अशोक कुमार का कहना है कि कि यहां पर करीब 40 से 45 लाशें पाई गई, जो अलग अलग जगहों से बहकर महदेवा घाट पर आकर एकत्रित हो गई हैं। उन्होंने बताया कि ये लाशें हमारे प्रदेश की नहीं हैं। हम लोगों ने एक चौकीदार लगा रखा है, जिसकी निगरानी में लोग शव जला रहे हैं। ऐसे में ये शव उत्तरप्रदेश से बहकर आ रहे हैं और यहां पर एकत्रित हो रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि यूपी से आ रही लाशों को रोकने का कोई उपाय नहीं है। ऐसे में हम इन लाशों के निष्पादन की तैयारी में लगे हुए है।
लोगों ने प्रशासन पर लगाया नाकामी का आरोप
इस मामले के दूसरे पहलू पर गौर किया जाए तो कोरोना बक्सर सहित अनेक जिलो में फैल चुका है। लोगों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण यहां रोज 100 से 200 लोग आते हैं और लकड़ी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लाशें गंगा में ही फेंक देते हैं, जिससे कोरोना संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। जबकि प्रशासन कोई भी मदद नहीं कर रहा है। हालांकि एसडीएम सदर केके उपाध्याय ने भी यही कहा कि "ये बिहार की नहीं उत्तर प्रदेश की लाशें हो सकती हैं क्योंकि हमारे यहां लाशें जलाने की परंपरा है। फिलहाल लोगों का सीधा आरोप प्रशासन की नाकामी की तरफ इशारा कर रहा है।
Published on:
10 May 2021 04:29 pm
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