
Sambhal: सिपाहियों की हत्या पर CM Yogi Adityanath ने जताया दुःख, परिजनों को 50-50 लाख रूपए मुआवजे का ऐलान
लखनऊ. आवारा मवेशियों की संख्या कम करने के लिए प्रदेश सरकार सांडों की नसबंदी के लिए नया अभियान चलाने जा रही है। इस अभियान से सड़क पर बेसहारा घूमने वाले सांडों व अवारा जानवरों पर लगाम लगाया जा सकेगा। प्रदेश की योगी सरकार नसबंदी अभियान बड़े स्तर पर चलाने की तैयारी कर रही है। सड़क पर घूमने वाले सांडों की गिनती की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव को सौंपी गई है। उनके अभियान का सारा जिम्मा उनके ऊपर होगा। अब शहर व जिलों में आतंक का पर्याय बने लावारिस सांड़ों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगने का रास्ता साफ हो गया होगा।
वहीं गांवों में आवारा जानवरों की वजह से खराब स्थिति बनी हुई है। आए दिन सांड़ किसानों की साल भर की मेहनत से पैदा की गई फसल उजाड़ देते हैं। वहीं लोगों को अपना शिकार बनाने से भी नहीं हटते हैं। इन हालात में प्रदेश सरकार ने हिंसक हुए सांड़ों की नसबंदी करने का फैसला लिया है।
जानकारी के अनुसार, इसी क्रम में नगर निगम लखनऊ के कान्हा उपवन में पल रहे 1000 बछड़ों का बधियाकरण (नसबंदी) होगा। इसके बाद इनका उपयोग आगे चलकर उपवन की खेती में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि गोवंश की संख्या पर नियंत्रण होने के साथ ही नस्ल में भी सुधार होगा।
Updated on:
14 Nov 2019 01:56 pm
Published on:
14 Nov 2019 01:54 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
