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#CareerTips : 12वीं पास युवाओं के लिए आयुष्मान मित्र बनने का शानदार मौका, कमा सकते हैं 15 हजार रुपए प्रतिमाह

-उप्र के हर जिले में नियुक्त होने हैं Ayushman Mitra-जिलाचिकित्सा अधिकारी के यहां से होनी है भर्ती-सभी आयुष्मान मित्र वालंटियर के रूप में करेंगे काम-आयुष्मान मित्र को अधिकतम 15 हजार तक प्रतिमा मिल सकता है मानदेय-बारहवीं पास हैं तो हर माह मिलेगा 5000 रु मानदेय

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Aug 01, 2019

Carrer Tips

#CarrerTips : बारहवीं पास बन सकते हैं आयुष्मान मित्र, 15 हजार रुपए प्रतिमाह कमायें

लखनऊ. उप्र में भी आयुष्मान योजना (Ayushman Bharat Yojna) लागू है। इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी उप्र में आयुष्मान भारत ट्रस्ट की है। इस ट्रस्ट के जरिए ही गरीब लोगों को इलाज के बाद लाभार्थियों को पैसे मिलते हैं। सरकार सूबे के हर सरकारी अस्पताल में आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति कर रही है। आयुष्मान मित्र को 5000 रुपए प्रतिमाह वेतन और 50 रुपये प्रति मरीज कमीशन मिलता है। आयुष्मान मित्र (Ayushman Mitra) बनने के लिए कम से कम इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी है। आयुष्मान मित्र बनने के लिए जिला चिकित्सालय में चिकित्साअधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

उप्र में आयुष्मान मित्र योजना नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत लागू की गयी है। आयुष्मान योजना में बीमित लोग सालाना 5 लाख का कैशलेस इलाज करा सकते हैं। गरीब परिवारों को बीमाकार्ड मुफ्त मिलता है। इसे मोदीकेयर स्कीम भी कहा जाता है। बीमित व्यक्ति को सालाना मामूली प्रीमियम देना होता है। बीमा कार्ड बीमित व्यक्ति के घर आता है। जरूरी बात यह है कि आयुष्मान भारत योजना के रजिस्ट्रेशन के लिए कोई ऑनलाइन आवेदन नहीं करना होता है।

आयुष्मान भारत योजना में नाम कैसे शामिल होगा
इस योजना में शामिल परिवार के मुखिया के कार्ड में बच्चे और माता-पिता का नाम इसमें शामिल होता है। प्रति व्यक्ति सालाना कम से कम 40 रुपए का मामूली प्रीमियम देना होता है। बीमित परिवार को 5 लाख रुपए तक का हेल्थ इंश्योरेंस मिलता है। हेल्थ बीमा कार्ड होल्डर किसी भी सरकारी और चुने हुए प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा सकता है। कार्ड कहीं का भी देश के हर जिले में चलता है।

मोदी केयर में कितनी राशि का इलाज
आयुष्मान योजना में एक व्यक्ति सालभर में 5 लाख रुपए तक का फ्री मेडिकल कवर मिलता है। गंभीर बीमारी होने पर मरीज को कम से कम 24 घंटे हॉस्पिटल में भर्ती होना होता है। इसमें दवाएं और आपरेशन आदि शामिल हैं। मरीज को अस्पताल में भर्ती होने के बाद अपने बीमा दस्तावेज देने होते हैं। जिसके आधार पर अस्पताल इलाज के खर्च के बारे में बीमा कंपनी को सूचित कर देता है। बीमा कंपनी से पैसा आते ही इलाज शुरू हो जाता है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने दी।

पांच साल में 2 लाख नौकरियां
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान भारत के तहत कम से कम एक लाख 'आयुष्मान मित्र' की भर्ती की जाएगी। यह नौकरियां अस्पतालों, बीमा कंपनियों, कॉल सेंटर, रिसर्च सेंटर आदि जगहों पर होंगी। सभी आयुष्मान मित्र वालंटियर होते हैं। आयुष्मान मित्र को योजना की सहजता से निगरानी, मूल्यांकन और उसे लागू करना होगा। आयुष्मान मित्र को सरकारी और निजी अस्पतालों में तैनात किया जाएगा और उन्हें हर महीने अधिकतम 15 हजार रुपये का भुगतान मिल सकता है।