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गुप्ता समेत यूपी के 11 हाई प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही है सीबीआई

अब तक कुल यूपी के कुल 11 हाई प्रोफाइल मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। अब मनीष गुप्ता के मामले की जांच की यूपी सरकार ने केन्द्र सरकार को सिफारिश भेज दी है।
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लखनऊ

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Pragati Tiwari

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Updated: 2 Oct 2021, 8:51 PM IST

गुप्ता समेत यूपी के 11 हाई प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही है सीबीआई

गुप्ता समेत यूपी के 11 हाई प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही है सीबीआई

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंप दिया है। इसी के साथ अब तक कुल यूपी के कुल 11 हाई प्रोफाइल मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। अब मनीष गुप्ता के मामले की जांच की यूपी सरकार ने केन्द्र सरकार को सिफारिश भेज दी है। इस बीच यूपी सरकार ने साफ किया है कि जब तक सीबीआइ जांच शुरू नहीं कर देती तब तक एसआइटी अपना काम करती रहेगी। वहीं इस मामले की जांच को गोरखपुर से कानपुर स्थानांतरित भी कर दिया गया है। हालांकि इसके पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने यूपी पुलिस पर भरोसा न जताते हुए सीबीआइ जांच की मांग भी की थी।
क्या था मामला?
27 सितंबर को कानपुर के व्यवसायी मनीष गुप्ता गोरखपुर गये हुए थे। शहर के एक होटल में रुके थे। 27 सितंबर की रात रामगढ़ ताल थाने के एसएचओ जगत नारायण सिंह, दो सब इंस्पेक्टर के साथ होटल में चेकिंग के लिए गए। पूछताछ में पुलिसकर्मियों ने उनकी इस कदर पिटाई की उनकी मौत हो गयी। इस मामले में तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गयी और उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

नरेन्द्र गिरि के मौत की जांच भी कर रही सीबीआई
अभी कुछ दिन पहले ही योगी सरकार ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की मौत के मामले की जाँच भी सीबीआइ को सौंपी थी। प्रयागराज में बाघंबरी पीठ के पीठाधीश और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि ने 21 सितंबर को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। 23 सितंबर को योगी सरकार ने इस मामले की जांच की सिफारिश सीबीआई से की थी।
तो अपनी ही पुलिस पर भरोसा नहीं?
सवाल पैदा होता है कि क्या प्रदेश सरकार को अपनी ही पुलिस पर भरोसा नहीं है? आखिर इस तरह के मामलों की जांच के लिए गठित एसआइटी क्या करती है? अब हर मामला तो इतना हाई-प्रोफाइल तो हो नहीं सकता कि सबकी जांच सीबीआई करे।

इन मामलों की भी जांच सीबीआई के पास
गोमती रिवर फ्रंट घोटाला
यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी घोटाला
उन्नाव गैंगरेप कांड
देवरिया का बालिका शेल्टर होम सेक्स रैकेट मामला
उप्र लोकसेवा आयोग की भर्तियों की जांच
यूपी शुगर फेडरेशन में घपले की जांच
दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस वे घोटाला
हाथरस गैंगरेप मामला
नरेन्द्र गिरि मौत की जांच
मनीष गुप्ता हत्याकाण्ड की जांच
सीबीआई जांच पर रोक भी लगा सकती है राज्य सरकार
राज्य सरकारें सीबीआई जांच की सिफारिश केन्द्र से कर सकती हैं, वहीं अगर वो चाहें तो केन्द्र सरकार द्वारा राज्य के भीतर किये जा रहे किसी भी सीबीआइ जांच पर रोक भी लगा सकती हैं।
5 राज्य लगा चुके हैं जांच पर रोक
अब तक पांच राज्यों ने सीबीआइ जांच पर रोक लगायी है। ये हैं आन्ध्र प्रदेश, बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान और महाराष्ट्र।