
mayawati
लखनऊ. बसपा शासनकाल में 21 चीनी मिलों की बिक्री के मामले की जांच अब सीबीआई करने जा रही है। लोकसभा चुनाव से बसपा प्रमुख मायावती पर सीबीआई शिकंजा कसने की तैयारी में है। मायावती के शासनकाल में 21 चीनी मिलों को लगभग 1100 करोड़ रूपये में बेचा गया था। उत्तर प्रदेश में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच कराने की बात कही थी।
अन्य नेता भी जांच के दायरे में
अब इस मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। बसपा प्रमुख मायावती को सीबीआई जाँच के दायरे में ले सकती है। चीनी मिलों की नीलामी को भाजपा ने कई बार मुद्दा भी बनाया था। अब लोकसभा चुनाव की सरगर्मी शुरू होते ही सीबीआई की यह पहल बसपा की मुश्किलें बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। माना जा रहा है कि सीबीआई इस मामले में सतीश मिश्रा और नसीमुद्दीन सिद्दीकी की भूमिका की भी जांच करेगी। नसीमुद्दीन इस समय कांग्रेस में हैं।
बसपा शासनकाल में हुई थी नीलामी
बताया जा रहा है कि सीबीआई की टीम चीनी मिलों की बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेजों को खंगालने में जुटी है। इस मामले में मायावती के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। तत्कालीन सरकार में उनके सहयोगी रहे कई नेता और अफसर भी सीबीआई की जांच के राडार पर आ सकते हैं। सीबीआई देवरिया, बरेली, लक्ष्मीगंज, हरदोई, रामकोला, चित्तौनी और बाराबंकी की चीनी मिलों की बिक्री की जांच कर रही है। तत्कालीन बसपा सरकार ने 21 चीनी मिलों को लगभग 1100 करोड़ रुपए में बेच दिया था।
Published on:
07 May 2018 02:53 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
