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मिनरल वाटर को मात देता चंबल नदी का पानी

चंबल नदी का पानी पीने के बाद भले चंगे लोगो को कोई तकलीफ नही होती है ना ही उनको किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है उल्टे लोगो को दावा है कि उनका स्वास्थ्य चंबल नदी के पानी पीने से बिल्कुल ही ठीक रहता है।  

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Jun 02, 2022

मिनरल वाटर को मात देता चंबल नदी का पानी

मिनरल वाटर को मात देता चंबल नदी का पानी

देश के सबसे अधिक साफ नदी मानी जाने वाली चंबल का पानी मिनरल वाटर का मुकाबला करता नजर आ रहा है। इस नदी की बात करते हुए गर्व का ऐहसास होता है। बीहड़ इलाके से प्रवाहित होने वाली चंबल नदी,जिसके साफ पानी की कई मिसाले लगातार दी जा रही है । इस नदी से हजारो लोगो की जीवन चर्या जिंदा है क्योंकि चंबल के पानी को लोग ना केवल पीने के तौर पर इस्तेमाल करते है बल्कि दैनिक क्रियाओं मे भी प्रयोग लाते है। ऐसा कहा जाता है कि चंबल नदी के पानी मे कई गंभीर बीमारियों को दूर करने की सामर्थ्य है । इसी कारण दूर दराज के लोग आज भी चंबल नदी के पानी को नियमित अपने लोगो के जरिये बडे बडे बर्तनो मे सुबह शाम मंगा करके पीते है ताकि स्वस्थ रह सके।


डाकुओं के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान इटावा मे तैनात रह कई आला पुलिस अफसरों ने चंबल के पानी को पिया,जो आज भी अपनी नई तैनातियो वाली जगह पर भी पानी पीने के लिए वो कोई ना कोई माध्यम ही निकलवा रहे है। एक समय इटावा के एसएसपी रह चुके और आज मुंबई में नारकोटिक्स विभाग में निदेशक पद पर तैनात मुथा अशोक जैन को कुछ चिकित्सकों ने चंबल के पानी के सेवन करने की जानकारी दी थी । इसी कारण उनके लिए चंबल नदी का पानी सुबह शाम आने लगा जिसका लंबे समय तक सेवन करने से उनको बेहद लाभ हुआ।


शहरी इलाके में मिनरल वाटर का इस्तेमाल तो आम बात है लेकिन बेचारे क्या करें गाव वाले जो दो जून कि रोटी नहीं जुटा सकने में कामयाब नहीं हो सकते साफ पानी जुटाएं कहा से लायें लेकिन उनके लिए चंबल नदी का पानी ही बन गया है मिनरल वाटर। क्यो कि चंबल नदी के किनारे बसे कई सैकड़ों गांव के हजारो लोगो की ना केवल प्यास बुझा रही है बल्कि सदियो ने लाइफ लाइन भी बनी हुई है। चंबल नदी के किनारे बसे सैकड़ों गाँव के बाशिंदे चम्बल नदी का पानी पीकर अपनी प्यास बुझा रहे है। चंबल नदी का पानी पीने के बाद भले चंगे लोगो को कोई तकलीफ नही होती है ना ही उनको किसी भी तरह का कोई नुकसान होता है उल्टे लोगो को दावा है कि उनका स्वास्थ्य चंबल नदी के पानी पीने से बिल्कुल ही ठीक रहता है।


कालेश्वर महापंचायत के अध्यक्ष बापू सहेल सिंह परिहार का कहना है कि चंबल नदी के पानी की तारीफ जितनी भी की जाए उतनी कम ही होगी,नदी के पानी का ही इकबाल यह है कि सदियो से चंबल नदी के पानी की मिसाल दी जाती है। पर्यावरणीय संस्था सोसायटी फॉर कंजर्वेशन आफ नेचर के चेयरमैन डा.राजीव चौहान का कहना है कि चंबल नदी का पानी बेहद अहम है नदी के किनारे बसे लोगों की दिनचर्या चंबल नदी के ही उपर आश्रित है। नदी के साफ पानी के बारे मे सिर्फ इतना ही कहा जा सकता है कि बिना तकनीकी परीक्षण के ही चंबल नदी के पानी को मिनरल वाटर की माफिक माना जाता है।


जलीय जीव की बायोलॉजिकल डिमांड 1.6 मिलीग्राम प्रति लीटर से कम न हो और 62 मिलीग्राम प्रति लीटर से ज्यादा न हो। जबकि चंबल के पानी की बीओडी 2.3 मिलीग्राम प्रति लीटर है। -केमिकल ऑक्सीजन डिमांड 6.00 मिलीग्राम प्रति लीटर से कम न हो, 200 मिलीग्राम प्रति लीटर से ज्यादा न हो। जबकि चंबल के पानी की 14.00 है। चंबल सेंचुरी के डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव बताते है कि चंबल नदी का पानी पूरी तरह से साफ है तभी दुर्लभ डॉल्फिन, मगरमच्छ,घड़ियाल सैकड़ों प्रजाति के जलचरो को जीवन मिला हुआ है।